कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि 15 अगस्त को लाल किले से दिए जाने वाले अपने संबोधन में देश की युवा पीढ़ी यानी Gen Z के मुद्दों को प्रमुखता से शामिल करें। उनका कहना है कि आज का युवा देश के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल पूछ रहा है और उसे यह भरोसा मिलना चाहिए कि उसकी चिंताओं को सरकार सुन रही है।
युवाओं की समस्याओं पर ध्यान देने की मांग
दिपके का कहना है कि देश के लाखों छात्र और युवा रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, कौशल विकास और भविष्य की संभावनाओं जैसे विषयों को लेकर चिंतित हैं। उनका मानना है कि स्वतंत्रता दिवस का मंच ऐसा अवसर है, जहां से इन मुद्दों पर स्पष्ट संदेश दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री इन विषयों पर खुलकर बात करेंगे तो युवाओं में सकारात्मक संदेश जाएगा।
Gen Z को देश की ताकत बताया
अभिजीत दिपके ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है। उन्होंने Gen Z को बदलाव लाने वाली पीढ़ी बताते हुए कहा कि यह वर्ग केवल वादे नहीं, बल्कि ठोस कदम और परिणाम देखना चाहता है। उनके अनुसार, नई पीढ़ी तकनीक, नवाचार और नए अवसरों के साथ आगे बढ़ना चाहती है, इसलिए उसकी अपेक्षाओं को राष्ट्रीय चर्चा का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
हाल के आंदोलनों का भी किया उल्लेख
दिपके हाल के छात्र आंदोलनों के प्रमुख चेहरों में रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं ने शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर अपनी आवाज़ लोकतांत्रिक तरीके से उठाई है। उनका मानना है कि इन घटनाओं ने यह दिखाया है कि नई पीढ़ी देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाना चाहती है और उसकी बातों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
15 अगस्त के संदेश से बढ़ी उम्मीदें
स्वतंत्रता दिवस का संबोधन हर साल पूरे देश की नजरों में रहता है। ऐसे में अभिजीत दिपके का कहना है कि यदि प्रधानमंत्री अपने भाषण में Gen Z की आकांक्षाओं, शिक्षा, रोजगार और भविष्य की दिशा पर विशेष रूप से बात करते हैं, तो यह करोड़ों युवाओं के लिए महत्वपूर्ण संदेश होगा।
