आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को E20 नीति वापस लेने के लिए मजबूर करना है तो इसका एक ही रास्ता है। उन्होंने लोगों से गोवा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को हराने की अपील करते हुए दावा किया कि चुनाव परिणाम आने के पांच दिन के भीतर सरकार E20 का फैसला वापस लेने पर मजबूर हो जाएगी।
E20 को लेकर सरकार पर उठाए सवाल
केजरीवाल ने कहा कि सरकार ऐसे वाहनों में भी E20 यानी 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है, जो इसके लिए पूरी तरह उपयुक्त नहीं हैं। उनके अनुसार इससे लाखों वाहन मालिकों को भविष्य में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि आज E20 लागू किया जा रहा है तो आगे चलकर E40, E50 या उससे अधिक एथेनॉल मिश्रण भी लागू किया जा सकता है।
पेट्रोल-डीजल वाहन खरीदने से भी किया आग्रह
केजरीवाल ने लोगों से अपील की कि जब तक सरकार E20 को लेकर अपनी स्पष्ट नीति और आगे की योजना सार्वजनिक नहीं करती, तब तक नए पेट्रोल और डीजल वाहन खरीदने से बचना चाहिए। उनका कहना है कि इससे सरकार पर लोगों की चिंताओं को गंभीरता से लेने का दबाव बनेगा।
एथेनॉल आयात और बुनियादी ढांचे पर दावा
केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि भारत में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के भंडारण और परिवहन के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में E20 लागू करने के पीछे अमेरिका से एथेनॉल आयात को बढ़ावा देने की मंशा है। उनके अनुसार सरकार अमेरिकी दबाव में अतिरिक्त एथेनॉल की मांग तैयार कर रही है।
