पंजाब पुलिस ने साइबर सुरक्षा को लेकर लोगों को रैनसमवेयर हमलों से सावधान रहने की सलाह दी है। रैनसमवेयर एक ऐसा साइबर हमला है, जिसमें अपराधी किसी कंप्यूटर या डिवाइस में मौजूद फाइलों को लॉक या एन्क्रिप्ट कर देते हैं। इसके बाद फाइलों का दोबारा एक्सेस देने के बदले पैसे की मांग की जाती है।
अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें
पुलिस ने लोगों से कहा है कि ईमेल, मैसेज या सोशल मीडिया पर आने वाले अनजान लिंक को बिना जांचे न खोलें। इसी तरह किसी संदिग्ध फाइल या अटैचमेंट को डाउनलोड करने से भी बचना चाहिए। कई बार साइबर अपराधी सामान्य दिखने वाले मैसेज या फाइल के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसा सकते हैं।
पंजाब पुलिस की साइबर क्राइम गाइडलाइन में भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर सतर्क रहने और महत्वपूर्ण डेटा का नियमित बैकअप रखने की सलाह दी गई है।
सॉफ्टवेयर को रखें अपडेट
रैनसमवेयर और दूसरे साइबर हमलों से बचने के लिए कंप्यूटर और मोबाइल के ऑपरेटिंग सिस्टम तथा जरूरी सॉफ्टवेयर को समय-समय पर अपडेट करते रहना जरूरी है। जरूरी फाइलों का बैकअप अलग जगह रखने से साइबर हमले की स्थिति में डेटा पूरी तरह खोने का खतरा कम किया जा सकता है।
साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत करें शिकायत
पंजाब पुलिस की वेबसाइट के अनुसार, साइबर अपराध या ऑनलाइन फ्रॉड की स्थिति में 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत की जा सकती है। वहीं किसी आपात स्थिति में 112 पर संपर्क किया जा सकता है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि को नजरअंदाज न करें और समय रहते इसकी जानकारी संबंधित एजेंसियों को दें।
