पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिक्षा को लेकर भावुक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि “विद्या वह खजाना है जो कभी चोरी नहीं हो सकता।” मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा को मुनाफाखोरी का जरिया नहीं बनने देगी और बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर रोक
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए पंजाब विधानसभा में एक महत्वपूर्ण बिल लाया गया है। सरकार के मुताबिक इस बिल से राज्य के करीब 32 लाख बच्चों के माता-पिता को राहत मिलने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य स्कूलों की ओर से फीस और अन्य चीजों को लेकर की जाने वाली मनमानी पर नियंत्रण करना है।
तीन साल तक नहीं बदल सकेगी स्कूल यूनिफॉर्म
प्रस्तावित नियमों के तहत कोई भी स्कूल तीन साल तक बच्चों की यूनिफॉर्म नहीं बदल सकेगा। इसके अलावा स्कूल अभिभावकों को किसी खास दुकान से यूनिफॉर्म, किताबें या अन्य सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकेंगे। इससे माता-पिता को अपनी सुविधा और बजट के अनुसार खरीदारी करने का विकल्प मिलेगा।
सरकारी स्कूलों के 882 बच्चों ने NEET पास किया
भगवंत मान ने पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलाव का उदाहरण देते हुए कहा कि आज पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में पहले स्थान पर है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों के 882 बच्चों का NEET परीक्षा पास करना इस बदलाव की बड़ी मिसाल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पंजाब के बच्चों के बेहतर और उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
