पंजाब सरकार मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के इलाज को ज्यादा आसान और सुलभ बनाने पर जोर दे रही है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार, अगस्त तक सात महीने की अवधि में 709 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस मानसिक स्वास्थ्य उपचार मिला। इस इलाज पर कुल ₹83.36 लाख खर्च हुए।
18 से 45 साल के लोगों की संख्या ज्यादा
आंकड़ों के मुताबिक, योजना के तहत इलाज कराने वाले लाभार्थियों में 75.2 फीसदी की उम्र 18 से 45 साल के बीच थी। यह आयु वर्ग नौकरी, कारोबार और परिवार की जिम्मेदारियों से जुड़ा होता है। सरकार के अनुसार, इस आंकड़े से यह जरूरत सामने आती है कि कामकाजी उम्र के लोगों तक मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर और कम खर्च में पहुंचाई जाएं।
समय पर इलाज और काउंसलिंग पर फोकस
मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को लेकर समय पर मदद मिलना महत्वपूर्ण माना जाता है। सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए ऐसे मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने के साथ मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। कैशलेस सुविधा का उद्देश्य इलाज के खर्च को लेकर परिवारों की चिंता कम करना है।
नशे के खिलाफ अभियान से भी जोड़ा गया
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि सरकार की मानसिक स्वास्थ्य रणनीति को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान से भी जोड़ा गया है। इसमें नशे की रोकथाम, इलाज, नशामुक्ति और पुनर्वास पर काम किया जा रहा है।
‘CM दी योगशाला’ के जरिए वेलनेस पर जोर
मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए ‘CM दी योगशाला’ पहल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, योग और वेलनेस गतिविधियों के जरिए लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जबकि जरूरतमंद लोगों के लिए उपचार और पुनर्वास सेवाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
