भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार, 18 अगस्त का कारोबारी दिन भी कमजोर रहा। BSE Sensex 492.70 अंक यानी 0.63% गिरकर 77,235.46 के स्तर पर बंद हुआ। इसके साथ ही बाजार में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी रहा। वहीं NSE Nifty 50 भी 132.75 अंक यानी 0.55% फिसलकर 24,154.90 पर बंद हुआ।
शुरुआत से ही दबाव में रहे शेयर
मंगलवार को बाजार खुलने के बाद से ही निवेशकों में सतर्कता दिखाई दी। कारोबार के दौरान सेंसेक्स पर बिकवाली का दबाव बना रहा और आईटी, एफएमसीजी, रियल्टी तथा कुछ बैंकिंग शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। व्यापक बाजार में भी मिडकैप इंडेक्स करीब 0.4% नीचे रहा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग सपाट बंद हुआ।
छह दिनों से लगातार टूट रहा Nifty
निफ्टी के लिए मंगलवार की गिरावट खास रही, क्योंकि यह लगातार छठा कारोबारी सत्र था जब इंडेक्स नुकसान में बंद हुआ। निफ्टी 24,200 के स्तर से नीचे आ गया। बाजार में लगातार बिकवाली के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ी हुई है।
IT शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव
आज बाजार की कमजोरी में आईटी सेक्टर की भूमिका महत्वपूर्ण रही। रिपोर्टों के अनुसार, Nifty IT इंडेक्स करीब 1.9% नीचे रहा। अमेरिका से होने वाली कमाई पर निर्भर आईटी कंपनियों पर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और ऊंची बॉन्ड यील्ड का असर देखा जा रहा है। बाजार में शामिल 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में से 12 गिरावट के साथ बंद हुए।
कच्चे तेल ने बढ़ाई बाजार की चिंता
शेयर बाजार पर सबसे बड़ा दबाव इस समय अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने तथा शांति समझौते की उम्मीद कमजोर पड़ने से कच्चे तेल की कीमत 91 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए महंगा कच्चा तेल महंगाई, कंपनियों की लागत और रुपये पर दबाव बढ़ा सकता है।
रुपये पर भी दबाव
कमजोर शेयर बाजार और महंगे कच्चे तेल के बीच भारतीय रुपया भी दबाव में रहा। मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 7 पैसे कमजोर होकर 95.68 के स्तर पर बंद हुआ।
