पंजाब सरकार ने खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में एनालॉग यानी नॉन-डेयरी पनीर के उत्पादन, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए रोक लगा दी है। यह आदेश फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, पंजाब की ओर से जारी किया गया है और तुरंत प्रभाव से लागू है।
आखिर क्या होता है एनालॉग पनीर?
एनालॉग पनीर असली दूध से बने पनीर की तरह दिखने वाला उत्पाद है, लेकिन इसमें दूध की जगह पूरी या कुछ मात्रा में वनस्पति तेल, वनस्पति फैट या दूसरे गैर-दुग्ध पदार्थ इस्तेमाल किए जा सकते हैं। खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार ऐसे उत्पाद को असली ‘पनीर’ के नाम से बेचना मानकों के अनुरूप नहीं है।

नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
सरकार ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। आदेश के तहत एनालॉग पनीर को किसी भी नाम से बनाना, रखना, पहुंचाना या बेचना प्रतिबंधित रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं के लिए क्यों अहम है फैसला?
त्योहारों और शादी के सीजन में पनीर की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी बढ़ाने का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को असली और मानकों के अनुरूप डेयरी पनीर ही मिले।
