पंजाब में लगातार गिरते भूजल स्तर को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जाती रही है। अब 2026 के केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) आकलन में राज्य के लिए कुछ राहत भरे आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में सालाना भूजल दोहन 28.02 BCM से घटकर 26.32 BCM रह गया है।
भूजल निकालने की दर भी घटी
आकलन के मुताबिक कुल भूजल दोहन की दर भी 164 फीसदी से घटकर 152.22 फीसदी हो गई है। यह बदलाव राज्य में पानी की खपत और भूजल पर निर्भरता को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
153 में से 109 ब्लॉकों में सुधार
रिपोर्ट में बताया गया है कि पंजाब के कुल 153 भूजल आकलन ब्लॉकों में से 109 में सुधार दर्ज किया गया है। वहीं जरूरत से ज्यादा भूजल निकालने वाले यानी ओवर-एक्सप्लॉइटेड यूनिट्स की संख्या 117 से घटकर 110 हो गई है।
सुरक्षित श्रेणी वाले ब्लॉक बढ़े
भूजल स्थिति में सुधार का एक और संकेत सुरक्षित श्रेणी में आने वाले क्षेत्रों की संख्या में बढ़ोतरी है। आंकड़ों के अनुसार सेफ कैटेगरी वाले यूनिट्स 17 से बढ़कर 20 हो गए हैं। इससे राज्य के कुछ हिस्सों में भूजल संरक्षण के प्रयासों का सकारात्मक असर दिखाई देता है।
पानी बचाने पर सरकार का जोर
भगवंत मान सरकार की ओर से भूजल संरक्षण, फसल विविधीकरण और पानी की बचत को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का कहना है कि पंजाब के भविष्य के लिए भूजल को बचाना बेहद जरूरी है और इसके लिए किसानों व आम लोगों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।
