पंजाब में सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) को लेकर चल रही चर्चा के बीच कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने सरकार का कानूनी पक्ष सामने रखा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार अपने फैसले संविधान और लागू नियमों के दायरे में रहकर ले रही है।
केंद्र और राज्य के नियम अलग
मंत्री के मुताबिक, केंद्र और राज्य सरकारें अपने-अपने कर्मचारियों के वेतन और भत्तों से जुड़े फैसले खुद तय करती हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लिए केंद्र सरकार के वेतन या DA से जुड़े नियमों को उसी रूप में लागू करना अनिवार्य नहीं है।
DA पर राज्य सरकार का अधिकार
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि DA कितना बढ़ाया जाए और इसे कब लागू किया जाए, इसका फैसला राज्य सरकार अपने नियमों और वित्तीय परिस्थितियों के अनुसार कर सकती है। उनके मुताबिक, केंद्र के फैसलों और राज्य सरकार के फैसलों को सीधे एक जैसा मानना जरूरी नहीं है।
पंजाब के अधिकारों का भी सवाल
मंत्री ने इस मुद्दे को केवल कर्मचारियों के DA तक सीमित न रखते हुए राज्य के अधिकारों से भी जोड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पंजाब के संवैधानिक अधिकारों को केंद्र के हवाले करना राज्य के हित में होगा। सरकार का कहना है कि कर्मचारियों से जुड़े फैसले लेते समय पंजाब के अधिकारों और राज्य की परिस्थितियों को ध्यान में रखा जा रहा है।
