भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को एक बार फिर कमजोरी देखने को मिली। दिन की शुरुआत बढ़त के साथ हुई थी, लेकिन कारोबार आगे बढ़ने के साथ बिकवाली हावी हो गई। BSE Sensex 417.49 अंक यानी 0.55% गिरकर 76,152.86 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 भी 41 अंक फिसलकर 23,873.45 पर आ गया। यह बाजार में लगातार चौथा गिरावट वाला कारोबारी सत्र रहा।
सुबह तेजी, शाम तक बदला माहौल
कारोबार की शुरुआत सकारात्मक संकेतों के बीच हुई थी। Nifty ने शुरुआती कारोबार में 24,000 का स्तर भी पार किया, लेकिन ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली शुरू होने के बाद बाजार की तेजी टिक नहीं सकी। खास बात यह रही कि आखिरी चरण में Closing Auction Session के दौरान Sensex में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
आखिरी मिनटों में 400 अंक से ज्यादा की हलचल
गुरुवार की सबसे बड़ी चर्चा बाजार के आखिरी कुछ मिनटों को लेकर रही। रिपोर्ट के मुताबिक, दोपहर 3:25 बजे Sensex करीब 76,554 के स्तर पर था, लेकिन 3:30 बजे तक यह 76,152.86 पर आ गया। यानी केवल पांच मिनट में करीब 401 अंकों की गिरावट देखने को मिली। यह गिरावट Closing Auction Session के दौरान आई।
IT और ऑटो शेयरों पर दबाव
सेक्टोरल कारोबार में IT, ऑटो, FMCG और फार्मा शेयरों में कमजोरी रही। Nifty IT करीब 0.85% नीचे रहा। Tech Mahindra, Cipla, HCL Technologies और Bajaj Auto जैसे शेयर दबाव में रहे। दूसरी तरफ Adani Ports, Axis Bank और HDFC Bank जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
मिडकैप-स्मॉलकैप ने संभाला मोर्चा
बड़ी कंपनियों वाले प्रमुख इंडेक्स भले ही गिरावट में रहे, लेकिन व्यापक बाजार में तस्वीर कुछ बेहतर रही। Nifty Midcap 100 करीब 0.37% और Smallcap 100 करीब 1.20% चढ़ा। यानी बाजार की पूरी तस्वीर सिर्फ Sensex और Nifty की गिरावट तक सीमित नहीं रही।
कच्चे तेल और वैश्विक संकेतों की चिंता
बाजार पर बढ़ते कच्चे तेल के दाम और ऊंची वैश्विक बॉन्ड यील्ड का भी असर रहा। Brent crude करीब 96.6 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा, जिससे महंगाई और ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ी। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव ने भी बाजार की धारणा पर दबाव बनाए रखा।
