मोहाली, 3 नवंबर: पंजाब में पहली बार आयोजित हो रही एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी प्रतियोगिता अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। जालंधर में लीग चरण के सफल आयोजन के बाद अब मोहाली नॉकआउट मुकाबलों की मेजबानी के लिए तैयार है। 4 नवंबर को मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम में दो सेमीफाइनल और पांचवें स्थान के लिए मुकाबला खेला जाएगा। इस स्टेडियम में पहली बार कोई अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच आयोजित होगा।

सेमीफाइनल में भारत का सामना दक्षिण कोरिया से होगा, जबकि जापान और मलेशिया की टीमें दूसरे सेमीफाइनल में भिड़ेंगी। दिन का पहला मुकाबला दोपहर 2 बजे चीन और बांग्लादेश के बीच पांचवें स्थान के लिए खेला जाएगा। इसके बाद शाम 4:30 बजे जापान और मलेशिया तथा शाम 7 बजे भारत और दक्षिण कोरिया के बीच सेमीफाइनल मुकाबले होंगे। सेमीफाइनल जीतने वाली टीमें 5 नवंबर को होने वाले फाइनल में जगह बनाएंगी, जबकि हारने वाली टीमें कांस्य पदक के लिए भिड़ेंगी।
लीग चरण में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने सभी पांच मुकाबले जीते और अंक तालिका में पहला स्थान हासिल किया। जापान दूसरे, मलेशिया तीसरे, दक्षिण कोरिया चौथे, चीन पांचवें और बांग्लादेश छठे स्थान पर रहा।
भारत का शानदार प्रदर्शन, हरमनप्रीत शीर्ष स्कोर
टूर्नामेंट में भारतीय टीम अब तक अजेय है। भारत ने पांच मुकाबलों में कुल 34 गोल किए हैं। गोल करने के मामले में मलेशिया 17 गोल के साथ दूसरे स्थान पर है। दक्षिण कोरिया और चीन ने 10-10, जापान ने 9 और बांग्लादेश ने 2 गोल किए हैं।
व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह 9 गोल के साथ टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर बने हुए हैं। मलेशिया के अबू कमाल अजराई ने 5 गोल किए हैं। भारत के दिलप्रीत सिंह और सुखजीत सिंह तथा चीन के बेनहाई चेन के नाम 4-4 गोल हैं। वहीं भारत के मनदीप सिंह, अभिषेक और जुगराज सिंह सहित कई खिलाड़ियों ने 3-3 गोल किए हैं।
फाइनल पर सभी की नजरें
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में भारत का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। भारतीय टीम छह बार फाइनल में पहुंच चुकी है और पांच बार खिताब अपने नाम कर चुकी है, जिसमें एक संयुक्त खिताब भी शामिल है। दक्षिण कोरिया भी एक बार चैंपियन बन चुका है। जापान दो बार और मलेशिया एक बार उपविजेता रहा है।
पंजाब के लिए यह टूर्नामेंट खास महत्व रखता है, क्योंकि राज्य में पहली बार इस स्तर की अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के प्रयासों से जालंधर और मोहाली को इस आयोजन की मेजबानी मिली है। 27 अक्टूबर को जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में शुरू हुई प्रतियोगिता का फाइनल 5 नवंबर को मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा।
