बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के बीच सियासी पारा चढ़ गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर डबल वोटिंग का गंभीर आरोप लगाया है। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि कुछ बीजेपी नेता, जिन्होंने फरवरी 2025 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में वोट डाला था, अब बिहार विधानसभा चुनाव में भी मतदान कर रहे हैं।
भारद्वाज के अनुसार, यह मामला लोकतांत्रिक प्रणाली के साथ खिलवाड़ जैसा है। उन्होंने कहा, “निर्वाचन आयोग के द्वारा डुप्लिकेट वोटरों को हटाने की प्रक्रिया के बावजूद बीजेपी नेताओं ने बड़े पैमाने पर मतदाता धोखाधड़ी की है। इससे चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है।”
सौरभ भारद्वाज का आरोप – BJP ने बनाई संगठित योजना
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सौरभ भारद्वाज ने बताया कि बीजेपी के राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा और दिल्ली बीजेपी के पूर्वांचल मोर्चा अध्यक्ष संतोष ओझा जैसे नेताओं ने दो जगहों पर वोट डाले। उन्होंने कहा कि बीजेपी नेताओं ने “लोकतंत्र का मजाक” बनाया है।
इसके अलावा, भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर भी अपने दावे को दोहराया। उन्होंने एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि बीजेपी ने “संगठित तरीके से” वोटरों को चिन्हित कर उन्हें बिहार भेजा। उन्होंने लिखा, “हरियाणा के करनाल में बीजेपी के जिला अध्यक्ष स्टेशन पर मौजूद थे। ट्रेन टिकट और यात्रा की पूरी व्यवस्था बीजेपी ने की थी। यही कारण है कि बिहार में इस बार मतदान का प्रतिशत पिछले 75 सालों में सबसे ज्यादा हुआ है।”
BJP का पलटवार – AAP की हताशा, झूठे आरोप
AAP के आरोपों के बाद बीजेपी ने पलटवार किया और इन दावों को पूरी तरह निराधार बताया। राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने कहा कि उन्होंने अपना नाम दिल्ली की मतदाता सूची से हटवाकर बिहार के बेगूसराय जिले के मानसेरपुर गांव में दर्ज करवाया था। उन्होंने कहा, “जो लोग खुद संविधान के नियमों को नहीं समझते, वे दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं।”
वहीं संतोष ओझा ने भी AAP पर निशाना साधते हुए कहा, “मैंने बक्सर विधानसभा से चुनाव लड़ने की योजना के तहत अपना नाम बिहार की मतदाता सूची में डलवाया है। AAP चुनावी हार से हताश है और बीजेपी की छवि खराब करने के लिए झूठ फैला रही है।”
सियासी तकरार जारी
AAP और बीजेपी के बीच यह नया विवाद बिहार चुनाव के बीच राजनीतिक माहौल को और गर्म कर रहा है। जहां AAP इस मामले की जांच की मांग कर रही है, वहीं बीजेपी ने कहा है कि सच्चाई सामने आने पर AAP को माफी मांगनी पड़ेगी। अब देखना होगा कि चुनाव आयोग इस विवाद पर क्या कदम उठाता है।
