पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस द्वारा राज्य को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान अब 15 महीने पूरे कर चुका है। इस विशेष अभियान के तहत नशा तस्करों, सप्लायरों और नशे के अवैध कारोबार से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अभियान का मुख्य लक्ष्य पंजाब में नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकना और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना है।
15 महीनों में बड़ी कार्रवाई
पंजाब पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 15 महीनों के दौरान 65,884 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। यह संख्या राज्य में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम की व्यापकता को दर्शाती है। पुलिस ने विभिन्न जिलों में लगातार छापेमारी और विशेष अभियान चलाकर इन गिरफ्तारियों को अंजाम दिया।
भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद
अभियान के दौरान पुलिस ने 56 किलोग्राम ICE (मेथामफेटामाइन), 2,950 किलोग्राम हेरोइन, 792 किलोग्राम अफीम, 71 किलोग्राम चरस और 986 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। इसके अलावा 666 क्विंटल पोस्त के छिलके और 55 लाख से अधिक नशीली गोलियां एवं कैप्सूल भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने नशे के कारोबार से जुड़ी करीब 20 करोड़ रुपये की अवैध नकदी भी बरामद की है।
नशा नेटवर्क को तोड़ने पर फोकस
इस अभियान के तहत केवल तस्करों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि नशे के पूरे नेटवर्क को तोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस वित्तीय लेन-देन, सप्लाई चेन और तस्करी से जुड़े अन्य नेटवर्क की भी जांच कर रही है ताकि नशे के कारोबार की जड़ों तक पहुंचा जा सके।
नशामुक्त पंजाब की दिशा में प्रयास
‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान को पंजाब पुलिस की सबसे बड़ी और लगातार चलने वाली कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। राज्यभर में विशेष ऑपरेशन, जागरूकता अभियान और नशा मुक्ति प्रयासों को भी इस मुहिम का हिस्सा बनाया गया है।
