पंजाब सरकार ने राज्य की महिला सरपंचों के लिए एक बहुत ही खास और प्रेरणादायक पहल की है। पंजाब कैबिनेट की बैठक के बाद लाइव आकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ऐलान किया कि जिन महिला सरपंचों ने अपने गांवों में अच्छा काम किया है, उन्हें अब श्री हजूर साहिब और नांदेड़ साहिब के दर्शन करवाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना को कैबिनेट की मंज़ूरी मिल चुकी है और इसके तहत 4 से 5 विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। इन ट्रेनों से चुनी गई महिला सरपंचों को बैचों में भेजा जाएगा, ताकि हर किसी को आराम से यात्रा करने का मौका मिले। ये पूरा दौरा 5 दिन का होगा, जिसमें 2 दिन की प्रशिक्षण शिविर (ट्रेनिंग कैंप) और 3 दिन के धार्मिक स्थलों के दर्शन शामिल होंगे।
क्या है योजना की खास बात?
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50% आरक्षण पहले से लागू – मुख्यमंत्री ने बताया कि पंचायतों में पहले ही महिलाओं को 50% आरक्षण दिया गया है।
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अच्छा काम करने वाली सरपंचों को मिलेगा अवसर – केवल वे महिला सरपंच जिन्हें उनके गांवों में बेहतर विकास कार्यों के लिए चुना जाएगा, वे इस यात्रा का हिस्सा होंगी।
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सरकार उठाएगी पूरा खर्च – महिला सरपंचों की यात्रा, रहने, खाने, ट्रेनिंग आदि का सारा खर्च पंजाब सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
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धार्मिक दर्शन और प्रशिक्षण साथ-साथ – इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आध्यात्मिक शांति और प्रशासनिक ज्ञान दोनों देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक तीर्थ यात्रा नहीं है, बल्कि महिला नेताओं को प्रेरित करने और उन्हें सशक्त बनाने का प्रयास है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशिक्षण शिविर महाराष्ट्र में ही लगाया जाएगा, जिससे ये महिला सरपंच आधुनिक पंचायत प्रबंधन, योजना निर्माण और विकास से जुड़ी चीज़ें भी सीख सकेंगी।
यह कदम ना सिर्फ महिला नेतृत्व को सम्मान देने वाला है, बल्कि उन्हें और आगे बढ़ने का मौका भी देगा। पंजाब सरकार का यह प्रयास है कि गांव की महिलाएं ना केवल जन प्रतिनिधि बनें, बल्कि प्रभावी नेतृत्वकर्ता भी बनें।
इस योजना को लेकर राज्यभर की महिला सरपंचों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि यह पहल आने वाले समय में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा उदाहरण बनेगी।
