पंजाब में स्कूली शिक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) द्वारा आयोजित एआई हैकाथॉन का ग्रैंड फिनाले सफलतापूर्वक पूरा हुआ। यह पहल छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी नई तकनीकों से जोड़ने और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
एआई शिक्षा की नई शुरुआत
इस खास प्रोजेक्ट को फर्स्ट एकेडमी ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (FAAI) और स्किलियरियम के सहयोग से शुरू किया गया। इसके तहत पंजाब के 22 स्कूलों के 1,000 से अधिक विद्यार्थियों और 22 शिक्षकों को एआई की ट्रेनिंग दी गई।
छात्रों ने 12 सप्ताह तक लाइव और इंटरैक्टिव ऑनलाइन कक्षाओं में हिस्सा लिया, जहां एआई विशेषज्ञों ने उन्हें नई तकनीकों के बारे में सिखाया। इससे छात्रों की सोच, समझ और तकनीकी कौशल में काफी सुधार देखने को मिला।
छात्रों में बढ़ा आत्मविश्वास और रचनात्मकता
स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट छात्रों में नवाचार, रचनात्मकता और नेतृत्व गुण विकसित करने में मददगार साबित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में एआई केवल भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि वर्तमान की जरूरत बन चुकी है। ऐसे में छात्रों को शुरू से ही इन कौशलों से जोड़ना बेहद जरूरी है, ताकि वे आगे चलकर सफल उद्यमी और प्रोफेशनल बन सकें।
प्रतियोगिता में छात्रों का शानदार प्रदर्शन
एआई हैकाथॉन में 20 स्कूलों के 60 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रत्येक स्कूल से तीन-तीन छात्रों की टीम बनाई गई थी। सभी टीमों को अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत करने के लिए एक घंटे का समय दिया गया।
छात्रों ने तकनीकी नवाचार, वीडियो निर्माण, वेब डेवलपमेंट और बिजनेस प्लानिंग जैसे क्षेत्रों में अपने प्रोजेक्ट्स पेश किए। एआई टूल्स का उपयोग कर उन्होंने शानदार और उपयोगी आइडियाज प्रस्तुत किए, जिन्हें विशेषज्ञों ने सराहा।
विजेताओं को मिला सम्मान
इस प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली टीमों को नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र दिए गए।
- पहला स्थान: आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खटकर कलां
- दूसरा स्थान: रविंदर खुल्लर मेमोरियल जी.एम. मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जालंधर
- तीसरा स्थान: शहीद ऊधम सिंह वाला सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सुनाम
इसके अलावा, जी.टी.बी. खालसा सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल, दसूहा और सरकारी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मंडी गोबिंदगढ़ को सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए।
भविष्य की बड़ी योजना
पंजाब सरकार अब इस एआई कार्यक्रम को आने वाले शैक्षणिक सत्र में और ज्यादा स्कूलों तक पहुंचाने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में यह पहल राज्य में तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
