अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट VT-ANB के क्रैश की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आ चुकी है। 12 जून 2025 को हुआ यह हादसा भारत के एविएशन इतिहास में सबसे भयावह दुर्घटनाओं में से एक बन गया है। विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अब विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
क्या हुआ था हादसे के दिन?
यह बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान दोपहर 1:39 बजे अहमदाबाद से टेकऑफ कर लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए रवाना हुआ था। उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद, जब विमान आवश्यक ऊंचाई तक पहुंच चुका था, उसके दोनों इंजन अचानक बंद हो गए। इसके बाद विमान संतुलन खो बैठा और एयरपोर्ट से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर BJ मेडिकल कॉलेज हॉस्टल की इमारत से टकरा गया।
कितने लोग हताहत हुए?
इस दुखद दुर्घटना में 260 लोगों की जान चली गई, जिनमें 229 यात्री, 12 क्रू मेंबर और 19 ज़मीन पर मौजूद लोग शामिल थे। एक यात्री गंभीर रूप से घायल हुआ, जबकि 67 लोगों को मामूली चोटें आईं। हादसे में केवल एक यात्री जीवित बच पाया।
हादसे की जांच कौन कर रहा है?
भारत की एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) इस मामले की जांच कर रही है। इसके अलावा अमेरिका (NTSB), ब्रिटेन (UK-AAIB), कनाडा और पुर्तगाल के विशेषज्ञ भी इस जांच में सहयोग कर रहे हैं।
हादसे की मुख्य वजह क्या रही?
AAIB की रिपोर्ट के अनुसार, टेकऑफ के बाद कुछ सेकंड में ही दोनों इंजनों के फ्यूल कटऑफ स्विच बंद हो गए। यह एक असामान्य और खतरनाक स्थिति थी। कॉकपिट की रिकॉर्डिंग में साफ सुना गया कि पायलटों ने एक-दूसरे से पूछा कि इन स्विचों को किसने बंद किया, लेकिन दोनों ने इससे इनकार किया। पायलटों ने इंजन दोबारा चालू करने की कोशिश की, लेकिन एक इंजन स्टार्ट नहीं हो सका।
ब्लैक बॉक्स से क्या जानकारी मिली?
विमान के फ्लाइट रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) से 46 घंटे की फ्लाइट डेटा और 2 घंटे की ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली, जिसमें हादसे के समय की सारी बातचीत दर्ज थी। दूसरा ब्लैक बॉक्स दुर्घटना में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे उसमें से डेटा नहीं निकाला जा सका।
तकनीकी स्थिति कैसी थी?
यह विमान 2012 में बना था और GE GENx-1B इंजन से लैस था। उड़ान से पहले इसकी तकनीकी स्थिति सामान्य थी। कुछ छोटी-मोटी तकनीकी चेतावनियां थीं, लेकिन वे नियंत्रण में थीं और उन्हें उड़ान के लिए खतरा नहीं माना गया।
हादसे से कितना नुकसान हुआ?
विमान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। साथ ही पांच इमारतों को भी भारी नुकसान पहुंचा। मलबा करीब 1000 फीट x 4000 फीट क्षेत्र में फैला हुआ था।
पायलटों की स्थिति और एटीसी संपर्क
पायलट सुमित सभरवाल और को-पायलट क्लाइव कुंदर उड़ान से पहले पूरी तरह फिट थे। टेकऑफ की अनुमति सुबह 08:07 UTC पर मिली थी। लेकिन ठीक दो मिनट बाद 08:09 UTC पर पायलट ने “MAYDAY” कॉल दिया, जिससे यह आपात स्थिति की पुष्टि हुई।
AAIB की रिपोर्ट से साफ है कि यह हादसा तकनीकी खराबी की बजाय अचानक हुए इंजन फेल्योर और स्विच कटऑफ के कारण हुआ। यह जांच अभी जारी है और यह रिपोर्ट केवल प्रारंभिक निष्कर्ष प्रस्तुत करती है। विमानन विशेषज्ञ अब इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि आखिर इंजन खुद से बंद कैसे हो गए, और क्या इसमें कोई मानव त्रुटि या तकनीकी बग शामिल था।
यह हादसा एक बार फिर से एयर सेफ्टी के महत्व को रेखांकित करता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए गहन समीक्षा की जरूरत को सामने लाता है।
