शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को आज एक बार फिर पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने अदालत में पेश किया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद मजीठिया का चार दिन का पुलिस रिमांड और बढ़ा दिया है। यह फैसला अदालत में चली लंबी बहस के बाद सुनाया गया।
क्या कहा विजिलेंस ने?
विजिलेंस विभाग की तरफ से अदालत को बताया गया कि बिक्रम मजीठिया जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। अधिकारी अभी भी उन्हें कई स्थानों पर लेकर जाकर छापेमारी करना चाहते हैं। ऐसे में अभी और पूछताछ बाकी है। इन दलीलों को मानते हुए अदालत ने मजीठिया को चार दिन के लिए फिर से पुलिस रिमांड पर भेजने की अनुमति दे दी।
कैसे हुई थी गिरफ्तारी?
पंजाब विजिलेंस ने बिक्रम मजीठिया को अमृतसर स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी आय के मुकाबले अवैध रूप से 540 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति बना ली है। विजिलेंस के अनुसार, मजीठिया के पास जो संपत्ति है, वह उनकी घोषित आय से कहीं अधिक है।
जांच में सामने आए नए खुलासे
जांच एजेंसी का दावा है कि इस मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, और पूछताछ के जरिए इनकी जानकारी सामने लाई जा सकती है। विजिलेंस के अधिकारियों का मानना है कि मजीठिया से गहराई से पूछताछ करना जरूरी है ताकि पूरी सच्चाई उजागर हो सके।
राजनीतिक माहौल गरमाया
बिक्रम मजीठिया की गिरफ्तारी और इस केस ने पंजाब की राजनीति में गर्माहट ला दी है। अकाली दल ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है, जबकि सरकार इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम कह रही है।
