12 जून 2025 को गुजरात के अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया के विमान हादसे की जांच अब एक नए और अहम मोड़ पर पहुंच चुकी है। हादसे के असली कारण का अभी तक पूरी तरह से खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन हाल ही में पायलटों द्वारा किए गए फ्लाइट सिमुलेशन परीक्षण में कुछ ऐसे सुराग सामने आए हैं, जो हादसे की तकनीकी वजहों की ओर इशारा कर रहे हैं।
फ्लाइट सिमुलेटर से क्या पता चला?
जांच एजेंसी ने सीनियर पायलटों की मदद से हादसे के समय की परिस्थितियों को फ्लाइट सिमुलेटर में दोहराया। इस दौरान लैंडिंग गियर को बाहर रखा गया और विंग फ्लैप्स (जो विमान की उड़ान और उतरने में मदद करते हैं) को वापस खींच लिया गया ताकि देखा जा सके कि ऐसा करने से विमान पर क्या असर पड़ता है।
लेकिन, जांच में यह साफ हुआ कि सिर्फ इन कारणों से इतना बड़ा हादसा संभव नहीं था। इसका मतलब है कि असली वजह कुछ और गंभीर हो सकती है।
मलबे से क्या संकेत मिले?
बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान के मलबे की गहराई से जांच की गई। इसमें पाया गया कि फ्लैप पूरी तरह से फैले हुए थे, यानी पायलटों ने उन्हें पीछे नहीं खींचा था। जबकि यह जरूरी होता है जब विमान टेकऑफ या लैंडिंग कर रहा होता है। साथ ही, लैंडिंग गियर केवल आंशिक रूप से बाहर था और उसके दरवाजे बंद थे।
इससे यह शक गहराता है कि विमान में उस समय हाइड्रॉलिक या इलेक्ट्रिकल सिस्टम फेल हो गया था। यानी, जो सिस्टम इन अहम उपकरणों को नियंत्रित करता है, वह काम नहीं कर रहा था।
विमान के इंजन फेल होने की आशंका
इस बीच, यूएस नेवी के पूर्व पायलट और एविएशन विशेषज्ञ कैप्टन स्टीव शेबनेर ने कहा है कि यह हादसा शायद दोनों इंजन एक साथ फेल होने की वजह से हुआ हो सकता है। उन्होंने बताया कि उड़ान भरते ही यदि “RAT” यानी रैम एयर टरबाइन (एक इमरजेंसी सिस्टम) सक्रिय हो जाए, तो यह संकेत है कि इंजन फेल हो चुके हैं।
RAT उस समय एक्टिव होती है जब विमान को जरूरी पावर इंजन से नहीं मिल रही होती और उसे बैकअप सिस्टम की ज़रूरत होती है। इसका अपने आप एक्टिव हो जाना एक गंभीर तकनीकी खराबी का संकेत है।
जांच जारी, सुरक्षा पर उठे सवाल
फिलहाल, जांच एजेंसियां इस दिशा में गहराई से पड़ताल कर रही हैं कि क्या वाकई इंजन फेल हुए थे, और यदि हां, तो क्यों। साथ ही, हादसे के समय पायलटों ने क्या निर्णय लिए, उस पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
इस हादसे ने एक बार फिर बोइंग विमानों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले भी बोइंग कई तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर विवादों में रह चुका है।
हालांकि इस हादसे में कितने लोग हताहत हुए, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की गई है। मगर यह जांच आगे चलकर भारतीय विमानन प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।
