जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने घुसपैठ करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने अपने साहस और सतर्कता से इस मंसूबे को पूरी तरह नाकाम कर दिया। गुरुवार (28 अगस्त) को गुरेज सेक्टर में हुई इस मुठभेड़ में सेना ने दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया।
एलओसी के पास आतंकी गतिविधि
गुरेज सेक्टर, जो नियंत्रण रेखा (एलओसी) के नजदीक है, लंबे समय से आतंकियों की घुसपैठ का रास्ता माना जाता है। गुरुवार सुबह भारतीय जवानों को संदिग्ध गतिविधि दिखी। जब उन्हें रोका गया तो आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। जवानों ने बिना समय गवाए जवाबी कार्रवाई की और दोनों आतंकवादियों को मौके पर ही ढेर कर दिया।
खुफिया इनपुट के आधार पर ऑपरेशन
भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस को पहले से खुफिया जानकारी मिली थी कि इस इलाके से घुसपैठ की कोशिश हो सकती है। इसी आधार पर बुधवार (27 अगस्त) से इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। जैसे ही आतंकियों की गतिविधि सामने आई, जवान पूरी तैयारी के साथ मोर्चा संभाल चुके थे।
चिनार कॉर्प्स ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से बताया कि पुलिस और सेना की संयुक्त टीम ने इस अभियान को अंजाम दिया। पोस्ट में लिखा गया, “सतर्क जवानों ने संदिग्धों को चुनौती दी, जिस पर आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों आतंकी मारे गए। अभियान अभी जारी है।”
बार-बार नाकाम हो रही है पाकिस्तानी साजिश
पाकिस्तान की ओर से आतंकियों को धकेलने का सिलसिला लगातार जारी है। इस महीने भी कई बार आतंकियों ने भारत में दाखिल होने की कोशिश की, लेकिन हर बार भारतीय सेना की चौकसी के सामने उनके मंसूबे धराशायी हो गए।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान घाटी में अस्थिरता फैलाना चाहता है, लेकिन ऑपरेशन “सिंदूर” के बाद उसकी कोशिशें और भी नाकाम हो रही हैं। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने सौ से ज्यादा आतंकियों को ढेर किया था और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में कई ठिकानों को भी तबाह कर दिया था।
स्थानीय लोगों में भरोसा
गुरेज सेक्टर और आसपास के गांवों के लोगों का कहना है कि सेना की मौजूदगी से उन्हें सुरक्षा की भावना मिलती है। लोग जानते हैं कि सेना हर हालात में उनकी रक्षा के लिए तैयार है। हालांकि, बार-बार होने वाली इन घटनाओं से सीमावर्ती इलाकों में दहशत का माहौल जरूर बना रहता है।
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ की कोशिशें कोई नई बात नहीं हैं, लेकिन भारतीय सेना हर बार अपने साहस और रणनीति से इन्हें नाकाम कर देती है। गुरेज सेक्टर की ताज़ा घटना एक और सबूत है कि भारत अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है। पाकिस्तान की साजिशें चाहे जितनी हों, लेकिन भारतीय सेना का हौसला हर बार भारी पड़ रहा है।
यह घटना साफ करती है कि जब तक पाकिस्तान आतंक को बढ़ावा देता रहेगा, भारत को सतर्क रहना होगा। लेकिन सच यह है कि भारत की सेना न सिर्फ सतर्क है बल्कि हर चुनौती का जवाब देने में भी पूरी तरह सक्षम है।
