पंजाब में बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी ने बाढ़ की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। रणजीत सागर डैम की झील का जलस्तर अपने खतरे के निशान 527 मीटर से ऊपर चला गया, जिसके चलते डैम के फ्लड गेट खोलकर पानी रावी दरिया में छोड़ा गया। इसका नतीजा यह हुआ कि रावी दरिया उफान पर आ गया और आसपास के इलाकों में तबाही मचने लगी।
तटबंध टूटा, खेतों और घरों में घुसा पानी
रावी दरिया में लगातार बढ़ रहे पानी ने कई जगह तटबंध तोड़ दिए। कहीं-कहीं पर दरिया ओवरफ्लो होकर सीधे खेतों और बस्तियों में घुस गया। गांवों की गलियों और घरों में पानी भरने से लोग सुरक्षित जगहों की ओर पलायन करने लगे। लेकिन कई परिवार अपने ही घरों में फंसे रह गए और मदद का इंतजार करने लगे।
1988 के बाद सबसे बड़ी तबाही
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार पानी का स्तर उतना ही खतरनाक है जितना 1988 में देखा गया था। चारों ओर पानी-पानी नजर आ रहा है। खेत डूब गए हैं, घरों का सामान बर्बाद हो गया है और मवेशी तक बाढ़ की चपेट में आ रहे हैं। इससे लोगों को भारी जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है।
सरहदी चौकियां भी जलमग्न
भारत-पाक सीमा के पास बाढ़ का असर और भी गंभीर है। पहाड़ीपुर और जैतपुर में मौजूद BSF की चौकियां पानी में डूब गई हैं। जवानों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। यह स्थिति सीमा सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय बन गई है।
80 गांवों में बाढ़ का असर
रावी दरिया के दोनों किनारों पर बसे करीब 80 गांव सीधे प्रभावित हुए हैं। इनमें कई ऐसे गांव हैं जहां लोग अपने घरों की छतों पर फंसे रहे। गांव ताश के आठ लोगों को NDRF की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला। वहीं रावी में फंसे सात लोगों को निकालने के लिए सेना के हेलीकॉप्टर की मदद लेनी पड़ी।
तीन दरियाओं का उफान
रावी के अलावा उज्ज दरिया और जलालिया दरिया भी उफान पर हैं। तीनों नदियों का पानी गांवों में घुस गया है और सैकड़ों परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। लोग अपने साथ जरूरी सामान, अनाज और पशुओं को लेकर ऊँचे स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
सरकार और प्रशासन की कोशिशें
हालात का जायजा लेने के लिए पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने माना कि 1988 के बाद अब जाकर इतनी भयावह बाढ़ की स्थिति बनी है। मंत्री ने कहा कि प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी।
पंजाब के लिए मौजूदा हालात बेहद कठिन हैं। रावी दरिया और अन्य नदियों का उफान लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। 80 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं, सीमा चौकियां प्रभावित हैं और सेना व NDRF लगातार राहत और बचाव कार्य कर रही है। हालांकि हालात संभालने की कोशिशें तेज हैं, लेकिन अभी भी लोगों में डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
