गुजरात की विसावदर विधानसभा सीट पर आम आदमी पार्टी को मिली जीत के बाद अब राज्य में राजनीति और भी गरमा गई है। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी इस हार को बर्दाश्त नहीं कर पा रही है और इसी बौखलाहट में पार्टी विधायक चैतर बसावा को गिरफ्तार करवाया गया है। गिरफ्तारी के बाद ‘आप’ के बड़े नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है।
अरविंद केजरीवाल का हमला: बीजेपी की हार की बौखलाहट
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि “गुजरात में आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर बसावा को गिरफ़्तार कर लिया गया है। ये गिरफ्तारी बीजेपी की उस हार की बौखलाहट है जो उसे विसावदर में मिली। अगर बीजेपी को लगता है कि इस तरह की कार्रवाई से आम आदमी पार्टी डर जाएगी, तो ये उनकी सबसे बड़ी भूल है।”
केजरीवाल ने कहा कि गुजरात की जनता अब बीजेपी की तानाशाही और कुशासन से परेशान हो चुकी है। आम आदमी पार्टी न डरने वाली है, न रुकने वाली। “हम जनता के हक के लिए लड़ते रहेंगे,” उन्होंने कहा।
भ्रष्टाचार उजागर करने की सजा?
‘आप’ का कहना है कि विधायक चैतर बसावा ने जब बीजेपी नेताओं के भ्रष्टाचार को उजागर किया तो पहले उन पर हमला करवाया गया और बाद में उनके खिलाफ ही झूठा केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पार्टी ने इसे बीजेपी की सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बताया है।
गुजरात प्रभारी गोपाल राय ने इसे शर्मनाक बताते हुए कहा, “बीजेपी चुनाव हारकर बौखला गई है। वो हमारे विधायकों को डराकर चुप कराना चाहती है। लेकिन गुजरात की जनता अब इनकी सच्चाई समझ चुकी है और इसका करारा जवाब देगी।”
“ना डरेंगे, ना झुकेंगे” – दुर्गेश पाठक
आप के सह प्रभारी दुर्गेश पाठक ने कहा कि जब-जब बीजेपी डरती है, तब-तब पुलिस का सहारा लेती है। उन्होंने कहा, “चैतर बसावा ने जब भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया, तो बीजेपी ने उनकी आवाज दबाने के लिए पुलिस को आगे किया। लेकिन याद रखो, हम ना डरेंगे, ना झुकेंगे – अब सिर्फ़ लड़ेंगे।”
ईशुदान गढ़वी का आरोप: आदिवासी नेता को बनाया निशाना
गुजरात प्रदेश अध्यक्ष ईशुदान गढ़वी ने कहा कि चैतर बसावा एक सक्रिय और बेबाक आदिवासी नेता हैं। उन्होंने मनरेगा योजना में हुई हेराफेरी और गरीब आदिवासियों के हक की लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा, “बीजेपी बसावा की ईमानदारी और जनता के मुद्दे उठाने से डरती है, इसलिए उनके खिलाफ साजिशें रच रही है।”
गढ़वी ने यह भी कहा कि बसावा जब थाने में शिकायत दर्ज कराने गए तो उल्टा उन्हीं पर केस दर्ज कर दिया गया। “यह सिर्फ एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि लोकतंत्र को दबाने की कोशिश है।”
चैतर बसावा की गिरफ्तारी ने गुजरात की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। आम आदमी पार्टी इसे जनता की आवाज दबाने की कोशिश बता रही है, जबकि बीजेपी की ओर से अब तक कोई स्पष्ट सफाई नहीं आई है।
केजरीवाल और उनके साथियों का कहना है कि लड़ाई जारी रहेगी और वे हर मंच पर जनता की आवाज बुलंद करेंगे।
आगामी दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है और गुजरात की राजनीति को नया मोड़ दे सकता है।
