आईपीएल 2025 की विजेता बनी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार क्रिकेट नहीं बल्कि एक गंभीर हादसे को लेकर। टीम की जीत के जश्न में हुई भगदड़ को लेकर अब कर्नाटक सरकार ने RCB, कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) और आयोजन से जुड़ी कंपनी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की अनुमति दे दी है।
क्या था मामला?
RCB ने 3 जून 2025 को अपना पहला आईपीएल खिताब जीतकर इतिहास रचा था। इस खुशी में अगले दिन, यानी 4 जून को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में एक भव्य विक्ट्री परेड और समारोह आयोजित किया गया था।
इवेंट में हजारों की संख्या में फैंस उमड़ पड़े, लेकिन भीड़ पर काबू नहीं पाया जा सका। टिकट अधिक संख्या में बांटे गए थे, जिससे स्टेडियम में क्षमता से ज्यादा लोग पहुंच गए। इसी अव्यवस्था के कारण वहां भगदड़ मच गई। इस दुखद घटना में 11 लोगों की मौत हो गई और करीब 50 लोग घायल हो गए।
जांच आयोग की रिपोर्ट
इस हादसे के बाद कर्नाटक सरकार ने 5 जून को रिटायर्ड जस्टिस जॉन माइकल डीकुन्हा की अध्यक्षता में एक जांच आयोग का गठन किया था। हाल ही में इस आयोग ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी, जिसे 24 जुलाई को कर्नाटक कैबिनेट ने आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है।
रिपोर्ट में साफ तौर पर RCB, KSCA और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी DNA एंटरटेनमेंट नेटवर्क्स प्राइवेट लिमिटेड को इस हादसे का जिम्मेदार ठहराया गया है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु:
- भीड़ नियंत्रण के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई थी।
- टिकट वितरण और प्रवेश प्रक्रिया में भारी लापरवाही पाई गई।
- सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई।
- आयोजन समिति ने प्रशासन को समय पर उचित जानकारी नहीं दी।
कर्नाटक के कानून मंत्री एच.के. पाटिल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार ने जांच आयोग की रिपोर्ट को पूरी तरह स्वीकार कर लिया है और अब RCB, KSCA और DNA कंपनी पर आपराधिक केस दर्ज किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि आयोग की रिपोर्ट में सरकारी अधिकारियों की लापरवाही की ओर भी इशारा किया गया है। इसलिए अब पुलिस विभाग और अन्य सरकारी एजेंसियों की भूमिका की भी गहन जांच की जाएगी।
पाटिल ने साफ कहा कि इस पूरे मामले में जो भी जिम्मेदार हैं – चाहे वे निजी संगठन हों या सरकारी अधिकारी – सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी। रिपोर्ट में जिनका नाम है, उनके खिलाफ विस्तृत और निष्पक्ष जांच होगी।
RCB की ऐतिहासिक जीत अब एक दर्दनाक हादसे और कानूनी कार्रवाई की छाया में आ गई है। जहां एक ओर फैंस ने जश्न मनाया था, वहीं दूसरी ओर कई परिवारों के लिए यह दिन जीवनभर का गम बन गया। सरकार की सख्ती से यह उम्मीद की जा सकती है कि ऐसी घटनाओं से सबक लिया जाएगा और भविष्य में बड़े आयोजनों में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
