पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन को लेकर सरकार का पक्ष सामने रखा। उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार अपने कर्मचारियों को देश में सबसे ज्यादा वेतनमान देने वाले राज्यों में सबसे आगे है। चीमा के मुताबिक, राज्य के कुल राजस्व का करीब 51 फीसदी हिस्सा कर्मचारियों और पेंशनरों पर खर्च किया जा रहा है, जबकि दूसरे राज्यों में यह औसतन करीब 38 फीसदी है।
गुजरात से 28% ज्यादा वेतन का दावा
वित्त मंत्री ने कहा कि करीब 30 साल से BJP शासित गुजरात में कर्मचारियों को मिलने वाली सैलरी पंजाब की तुलना में 28 फीसदी कम है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पंजाब के ज्यादातर सरकारी कर्मचारियों का वेतन केंद्रीय वेतन आयोग के स्तर से भी अधिक है।
DA में भी बढ़ोतरी
चीमा ने बताया कि मान सरकार के कार्यकाल में कर्मचारियों का DA 28 फीसदी से बढ़ाकर 42 फीसदी किया गया है। सरकार का कहना है कि कर्मचारियों के पुराने बकाये को भी चरणबद्ध तरीके से चुकाया जा रहा है।
पुराने बकाये पर भी सरकार का फोकस
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि पिछली अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों के समय से जुड़े करीब ₹14,191 करोड़ के बकाये को लेकर योजना को अदालत की मंजूरी मिली है। सरकार के अनुसार, इसमें से ₹4,500 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों को अब तक दिए जा चुके हैं। चीमा ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के लंबित वित्तीय अधिकारों को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है।
