पंजाब पुलिस ने लोगों को बढ़ते साइबर अपराधों से सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस ने अपनी जागरूकता मुहिम के तहत कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति की ऑनलाइन चैट या वीडियो कॉल स्वीकार करना जोखिम भरा हो सकता है। साइबर अपराधी लोगों को बातचीत में फंसाकर उनकी निजी जानकारी या तस्वीरों का गलत इस्तेमाल कर साइबर उगाही (Cyber Extortion) और ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
निजी जानकारी साझा करने से बचें
पंजाब पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अजनबी के साथ निजी फोटो, वीडियो या संवेदनशील जानकारी साझा न करें। कई मामलों में अपराधी पहले सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप के जरिए दोस्ती करते हैं और बाद में वीडियो कॉल के दौरान रिकॉर्डिंग कर ब्लैकमेल करना शुरू कर देते हैं। पुलिस ने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही आर्थिक और मानसिक परेशानी का कारण बन सकती है।
सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
पुलिस का कहना है कि यदि कोई अनजान व्यक्ति बार-बार वीडियो कॉल करने या निजी जानकारी मांगने की कोशिश करे तो तुरंत उसका संपर्क ब्लॉक कर दें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी केवल विश्वसनीय प्लेटफॉर्म पर ही साझा करें। मजबूत पासवर्ड और दो-स्तरीय सुरक्षा (Two-Factor Authentication) का उपयोग भी साइबर सुरक्षा के लिए जरूरी है।
साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता अभियान
पंजाब पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधों को रोकने के लिए राज्यभर में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। पिछले एक वर्ष में पुलिस ने साइबर अपराध के मामलों में सैकड़ों आरोपियों को गिरफ्तार किया है और लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए सैकड़ों जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन दुनिया में किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले अच्छी तरह सोचें और हमेशा सतर्क रहें।
