पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। सरकार का नारा है – “भ्रष्टाचार मुक्त पंजाब” और इस दिशा में कई बड़े और असरदार कदम उठाए जा चुके हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से ही भगवंत मान ने यह साफ कर दिया था कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आइए जानते हैं, अब तक सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कौन-कौन से पॉजिटिव और असरदार फैसले लिए हैं।
—
1. व्हाट्सऐप हेल्पलाइन से सीधी शिकायत
सरकार ने एक खास एंटी-करप्शन व्हाट्सऐप हेल्पलाइन (9501200200) शुरू की है। इसके ज़रिए आम लोग सीधे सरकार तक अपनी शिकायत पहुंचा सकते हैं।
अगर किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी ने रिश्वत मांगी हो, तो उसका ऑडियो, वीडियो या सबूत भेजा जा सकता है। यह सेवा शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में हज़ारों लोगों ने शिकायतें भेजीं, और कई पर कार्रवाई भी की गई।
—
2. सैकड़ों भ्रष्ट अधिकारी बर्खास्त और गिरफ्तार
सरकार ने “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई है। अब तक 600 से ज्यादा मामलों में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की जा चुकी है, और 700 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें सरकारी अफसर, कर्मचारी और यहां तक कि कुछ पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं।
यह पहली बार है कि इतने बड़े स्तर पर अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
—
3. तहसील और सरकारी दफ्तरों को किया जा रहा भ्रष्टाचार मुक्त
मुख्यमंत्री ने खुद कई तहसीलों और सब-तहसीलों का दौरा किया और अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर रिश्वतखोरी मिली, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का लक्ष्य है कि हर तहसील को “भ्रष्टाचार मुक्त ज़ोन” बनाया जाए, ताकि आम लोगों को ज़मीन, नामांतरण, पंजीकरण जैसी सेवाओं के लिए किसी दलाल या घूस की ज़रूरत न पड़े।
—
4. डिजिटल समाधान – ई-गवर्नेंस से पारदर्शिता
सरकार ने Easy Jamabandi और Easy Registry जैसे डिजिटल पोर्टल शुरू किए हैं, जिससे ज़मीन से जुड़े दस्तावेज़ अब ऑनलाइन मिल सकते हैं।
इन पोर्टल्स के ज़रिए लोग बिना दफ्तर गए, ऑनलाइन ही पंजीकरण, रिकॉर्ड चेक और नामांतरण जैसे कार्य कर पा रहे हैं। इससे दलाली और भ्रष्टाचार में भारी गिरावट आई है।
—
5. सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता
पहले सरकारी नौकरियों में रिश्वत और सिफारिश आम बात मानी जाती थी। लेकिन अब सरकार ने सभी भर्तियों को मेरिट आधारित और पारदर्शी बना दिया है।
हज़ारों युवाओं को बिना किसी सिफारिश, सीधी भर्ती में नौकरी दी गई है। मुख्यमंत्री खुद नियुक्तिपत्र देकर युवाओं को यह विश्वास दिला रहे हैं कि अब सरकारी भर्ती पूरी तरह ईमानदारी से होगी।
—
भगवंत मान सरकार ने भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाकर यह दिखा दिया है कि बदलाव मुमकिन है। टेक्नोलॉजी का उपयोग, जनता की भागीदारी और सख्त कानूनों के ज़रिए अब पंजाब में साफ और ईमानदार प्रशासन की नींव रखी जा रही है।
जनता को अब लगता है कि अगर कोई रिश्वत मांगता है, तो वह बच नहीं पाएगा। यह बदलाव सिर्फ कानूनों से नहीं, बल्कि राजनीतिक इच्छाशक्ति से आया है — और पंजाब में इसका असर अब साफ दिख रहा है।
