पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) से जुड़े दो वांटेड ऑपरेटिव्स को मलेशिया से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। दोनों आरोपियों को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर पहुंचते ही गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उन्हें आगे की पूछताछ के लिए पंजाब लाया गया।
रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने का आरोप
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंबाला निवासी गुरविंदर सिंह और पटियाला निवासी मंजीत सिंह के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों मलेशिया में रहकर KZF समर्थित एक आतंकवादी मॉड्यूल के लिए काम कर रहे थे। यह मॉड्यूल पंजाब में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर सहित महत्वपूर्ण रेलवे ढांचे को निशाना बनाने की साजिश में शामिल था।
पहले भी सामने आ चुका है मॉड्यूल
पंजाब पुलिस ने इससे पहले इसी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था, जो जनवरी 2026 में फतेहगढ़ साहिब के सरहिंद क्षेत्र में रेलवे फ्रेट कॉरिडोर लाइन पर हुए IED विस्फोट और अप्रैल 2026 में पटियाला जिले के शंभू के पास विस्फोट की कोशिश से जुड़ा बताया गया था। इन घटनाओं के बाद जांच एजेंसियों ने मॉड्यूल की गतिविधियों पर नजर रखी हुई थी।
भारी मात्रा में हथियार बरामद
इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से RPG लॉन्चर, IED, RDX, हैंड ग्रेनेड, गोला-बारूद और अत्याधुनिक पिस्तौल जैसी सामग्री बरामद की गई थी। पुलिस का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल बड़े हमलों की साजिश में किया जा सकता था।
टेरर फंडिंग नेटवर्क की भी जांच
जांच में यह भी सामने आया कि मलेशिया में बैठे कुछ हैंडलर और फंडिंग नेटवर्क इस मॉड्यूल को आर्थिक सहायता पहुंचा रहे थे। डिपोर्ट किए गए दोनों आरोपियों पर विदेशी खातों के जरिए पंजाब में सक्रिय तत्वों तक धन पहुंचाने का आरोप है। पुलिस अब इस पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है।
अदालत में पेशी और आगे की कार्रवाई
दोनों आरोपियों को 18 जून 2026 को पटियाला की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। जांच एजेंसियां इस मामले से जुड़े अन्य लिंक और संभावित सहयोगियों की तलाश कर रही हैं।
