देशभर में आम लोगों की जेब पर महंगाई का बड़ा असर देखने को मिल रहा है। पिछले 48 घंटों के अंदर पेट्रोल-डीजल, CNG, दूध और सोने की कीमतों में बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण अब रोजमर्रा का बजट बिगड़ता नजर आ रहा है। खास बात यह है कि इन सभी बढ़ोतरी का असर सीधे आम परिवारों की रसोई, यात्रा और बचत पर पड़ने वाला है।
पेट्रोल-डीजल के दाम में बड़ा इजाफा
सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी कर दी है। करीब चार साल बाद ईंधन की कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है। नई कीमतों के बाद दिल्ली में पेट्रोल लगभग 97.77 रुपये और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से यह फैसला लिया गया है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।
CNG भी हुई महंगी
पेट्रोल-डीजल के बाद अब CNG ने भी लोगों को झटका दिया है। मुंबई में महानगर गैस लिमिटेड यानी MGL ने CNG की कीमत में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी है। इसके बाद CNG का रेट 84 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
CNG महंगी होने से ऑटो, टैक्सी और छोटे कमर्शियल वाहनों का खर्च बढ़ेगा। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में किराए में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसका असर रोज सफर करने वाले लाखों लोगों पर पड़ेगा।
दूध के दाम बढ़ने से रसोई पर असर
देश की बड़ी डेयरी कंपनियों अमूल और मदर डेयरी ने दूध की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की है। नई कीमतें 14 मई से लागू हो चुकी हैं। कंपनियों का कहना है कि पशुओं के चारे, ट्रांसपोर्ट और उत्पादन लागत बढ़ने की वजह से यह फैसला लेना पड़ा।
दूध की कीमत बढ़ने का असर चाय, दही, मिठाई और दूसरी डेयरी चीजों पर भी पड़ सकता है। मध्यम वर्गीय परिवारों के मासिक खर्च में इससे सीधा असर दिखाई देगा।
सोना और चांदी भी पहुंचे ऊंचे स्तर पर
सरकार द्वारा सोने और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाए जाने के बाद बाजार में सोने के दाम तेजी से बढ़ गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार ने आयात शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक कर दिया है। इसके बाद घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों से फिलहाल सोना खरीदने से बचने की अपील की थी। माना जा रहा है कि सरकार विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करना चाहती है।
चीनी निर्यात पर रोक से भी बढ़ी चिंता
सरकार ने घरेलू बाजार में कीमतें नियंत्रित रखने के लिए चीनी के निर्यात पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह फैसला सितंबर 2026 तक लागू रह सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्पादन घटने और घरेलू मांग बढ़ने के कारण सरकार ने यह कदम उठाया है।
महंगाई के डर से बढ़ी लोगों की बेचैनी
देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें भी देखने को मिलीं। कुछ जगहों पर लोगों ने अफवाहों के चलते ज्यादा मात्रा में ईंधन खरीदना शुरू कर दिया। हालांकि सरकार ने साफ कहा है कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
