सोना और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार और घरेलू कारोबार के असर से दोनों कीमती धातुओं के भाव अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से काफी नीचे बने हुए हैं। इससे शादी-ब्याह का सीजन और निवेश की योजना बना रहे लोगों के लिए खरीदारी का अच्छा अवसर माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है, इसलिए निवेशकों को बाजार की चाल पर नजर रखनी चाहिए।
रिकॉर्ड हाई से काफी सस्ता हुआ सोना
बाजार के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रही है। हाल के महीनों में सोने में आई गिरावट के कारण इसकी कीमतों में अच्छी-खासी कमी दर्ज की गई है। हालांकि 22 जुलाई को घरेलू बाजार में सोने के दाम में फिर तेजी देखने को मिली और कई शहरों में 24 कैरेट सोना लगभग 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया। इसके बावजूद यह अपने सर्वोच्च स्तर से नीचे बना हुआ है।
चांदी भी हाई लेवल से काफी नीचे
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी पिछले कुछ समय से भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। विशेषज्ञों के मुताबिक चांदी अभी भी अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रही है। पिछले सप्ताह चांदी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, हालांकि हाल के कारोबारी सत्र में इसमें कुछ सुधार भी देखने को मिला। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता का असर चांदी की कीमतों पर भी पड़ रहा है।
क्यों बदल रहे हैं सोने-चांदी के भाव?
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी की कीमतें कई वैश्विक कारणों से प्रभावित होती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमतें, महंगाई, केंद्रीय बैंकों की ब्याज दरें और भू-राजनीतिक घटनाक्रम इन धातुओं के भाव तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मानते हैं, जबकि ब्याज दरें ऊंची रहने पर इसकी मांग पर दबाव पड़ सकता है।
खरीदारों और निवेशकों के लिए क्या मायने?
बाजार जानकारों का मानना है कि मौजूदा स्तर पर कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में आभूषण खरीदने वाले लोगों और निवेशकों को जल्दबाजी के बजाय बाजार की दिशा पर नजर रखनी चाहिए। यदि कीमतों में और नरमी आती है तो यह खरीदारी का बेहतर अवसर साबित हो सकता है, जबकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए भी सोना और चांदी अब भी महत्वपूर्ण निवेश विकल्प बने हुए हैं।
