कपूरथला पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर फगवाड़ा में एक बड़े साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह मुख्य रूप से अमेरिका और कनाडा के लोगों को निशाना बना रहा था और खुद को “सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन प्रदाता” बताकर ठगी कर रहा था। पुलिस ने मौके से 36 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 40 लैपटॉप, 67 मोबाइल फोन और लगभग 10 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि यह रैकेट अमरिंदर सिंह उर्फ सबी तोहरी नामक स्थानीय व्यक्ति द्वारा संचालित किया जा रहा था। उसने इस काम के लिए एक इमारत किराए पर ली हुई थी। आगे की जांच में पता चला कि अमरिंदर का संबंध दिल्ली के सूरज नामक व्यक्ति से है, जो आगे कोलकाता के शेन नामक संदिग्ध से जुड़ा हुआ है। इस तरह यह नेटवर्क कई शहरों और राज्यों में फैला हुआ है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि गिरोह अपने लेन-देन मुख्य रूप से बिटकॉइन और हवाला चैनलों के जरिए करता था, ताकि पुलिस और अन्य एजेंसियों की नजर से बच सके। यह साफ है कि गिरोह बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों को धोखा देने में लिप्त था।
कपूरथला पुलिस ने साइबर क्राइम थाने में इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब इस नेटवर्क की बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकिंग खंगाली जा रही है, ताकि इस अपराध में शामिल हर शख्स को पकड़कर न्याय के कटघरे में खड़ा किया जा सके।
पंजाब पुलिस ने साफ कहा है कि वह ऐसे साइबर अपराधियों और धोखाधड़ी में शामिल गिरोहों को किसी भी कीमत पर बख्शेगी नहीं। पुलिस का मकसद प्रदेश को सुरक्षित बनाना और लोगों को ऐसे ऑनलाइन अपराधियों से बचाना है।
यह कार्रवाई न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश में साइबर अपराध के खिलाफ एक मजबूत संदेश देती है कि अब अपराधी कहीं भी छिपे हों, कानून की पकड़ से नहीं बच पाएंगे। पुलिस की यह सफलता आने वाले समय में और बड़े नेटवर्क्स को उजागर करने की दिशा में अहम साबित होगी।
