पंजाब के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। पंजाब विधानसभा ने Punjab State Outsourced Personnel (Transition to Contractual Engagement) Bill, 2026 को सर्वसम्मति से पास कर दिया है। इस फैसले के बाद हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को निजी ठेकेदारों के जरिए काम करने की जगह सीधे पंजाब सरकार के साथ कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने का रास्ता साफ हो गया है। पहले चरण में करीब 26,000 से 28,000 कर्मचारियों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है।
ठेकेदारों की भूमिका होगी खत्म
नए कानून का सबसे बड़ा बदलाव यह है कि पात्र ग्रुप-C और ग्रुप-D आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए निजी ठेकेदारों की भूमिका खत्म होगी। कर्मचारी सीधे सरकार के साथ जुड़े होंगे। सरकार का कहना है कि इससे कर्मचारियों को नौकरी में ज्यादा सुरक्षा और बेहतर कार्य व्यवस्था मिल सकेगी।
5 साल की सेवा जरूरी
इस योजना का लाभ लेने के लिए सामान्य तौर पर कर्मचारी का कम से कम 5 साल की लगातार सेवा पूरी करना जरूरी होगा। हालांकि, जोखिम वाले काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नियम में राहत दी गई है। बिजली की शिकायतों से जुड़े कर्मचारी, सीवर और सफाई कर्मचारी तथा फायरफाइटिंग जैसे खतरनाक काम करने वालों के लिए पात्रता अवधि 3 साल रखी गई है।
सैलरी और सुविधाओं पर भी जोर
बिल में कर्मचारियों के वेतन को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रावधान हैं। सरकार के साथ कॉन्ट्रैक्ट में आने के बाद कर्मचारी की नेट टेक-होम सैलरी पहले से कम नहीं होनी चाहिए। साथ ही वेतन न्यूनतम मजदूरी से जुड़े नियमों के अनुसार होना जरूरी होगा। कर्मचारियों के लिए PF, ग्रेच्युटी, ESI और छुट्टियों जैसे वैधानिक लाभों का प्रावधान भी किया गया है।
आगे नियमित नौकरी का रास्ता
यह फैसला केवल आउटसोर्स व्यवस्था बदलने तक सीमित नहीं है। मई में सरकार ने बताया था कि लंबे समय से सेवा कर रहे कर्मचारियों के लिए आगे चलकर नियमित पदों पर शामिल होने का रास्ता भी बनाया जाएगा। सरकार के व्यापक प्रस्ताव में 65,048 आउटसोर्स कर्मचारियों को अलग-अलग चरणों में लाभ पहुंचाने की बात कही गई थी।
