दुनिया भर के शेयर बाज़ार शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुए। अमेरिका से लेकर एशिया तक फैली इस बिकवाली का सीधा असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। मुंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 400.76 अंक टूटकर 85,231.92 पर बंद हुआ। सिर्फ शेयर नहीं, बल्कि सोने और चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई।
गिरावट के पीछे दो बड़े कारण
शेयर बाजार की इस कमजोरी की दो मुख्य वजहें सामने आई हैं —
1. AI स्टॉक में जबरदस्त गिरावट
अमेरिका की वॉल स्ट्रीट पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े स्टॉक्स में भारी सेलिंग देखने को मिली। कई टेक कंपनियों के शेयर गिरने से वैश्विक बाज़ार का सेंटीमेंट बुरी तरह टूट गया।
2. ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम हुई
अमेरिका के ताजा जॉब डेटा मजबूत आए हैं, जिसके बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि फेडरल रिजर्व अभी ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा। इसी वजह से निवेशकों में डर बढ़ गया और बाजार गिरने लगे।
एशियाई बाजारों में भी भारी दबाव
एशिया के लगभग सभी प्रमुख बाज़ार लाल निशान में रहे। जापान में तो गिरावट और भी गहरी दिखाई दी—
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SoftBank के शेयर 10% से ज्यादा टूटे
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Nikkei इंडेक्स ओपनिंग में ही 2% से अधिक गिरा
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Advantest में 9%, Tokyo Electron में लगभग 6%,
Lasertec में 5% और Renesas Electronics में 1.95% की भारी गिरावट दर्ज हुई।
जापान में चिंता इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि अक्टूबर में कोर महंगाई दर तेज़ी से ऊपर गई है। इससे उम्मीद है कि देश का केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ा सकता है, जो बाज़ार के लिए नकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
अमेरिकी बाजारों में हाहाकार
अमेरिका के शेयर बाज़ार भी शुक्रवार को टूटकर बंद हुए। निवेशकों को डर है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊँची रह सकती हैं।
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Dow Jones 400 अंक गिरकर बंद हुआ
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Nasdaq 2% से अधिक टूटा
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S&P 500 में भी 0.8% की गिरावट
ये डेटा दिखाता है कि टेक सेक्टर में कमजोरी का असर दुनियाभर के बाजारों में देखा जा रहा है।
सोना-चांदी भी हुई सस्ती
ग्लोबल मार्केट में कमजोरी के चलते सोने और चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट देखी गई। निवेशकों ने सुरक्षित निवेश से भी पैसा निकालना शुरू कर दिया, जिससे कीमती धातुओं के दाम नीचे आ गए।
निवेशकों में बढ़ी सावधानी
ग्लोबल स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है—
ब्याज दरें कम होंगी या नहीं?
महंगाई किस दिशा में जाएगी?
टेक स्टॉक्स की कमजोरी कितने दिन चलेगी?
इन सवालों के बीच बाजारों में अभी उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। भारतीय निवेशकों को भी फिलहाल सावधानी से निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
