मंगलवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। कारोबार के अंत में BSE सेंसेक्स 479.26 अंक यानी करीब 0.63 प्रतिशत गिरकर 76,009.70 के स्तर पर बंद हुआ। दिनभर बाजार में दबाव देखने को मिला और सेंसेक्स के 30 में से 22 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं निफ्टी-50 भी 118 अंक टूटकर 23,913.70 पर आ गया।
वैश्विक तनाव का बाजार पर असर
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव माना जा रहा है। दक्षिणी ईरान पर अमेरिकी हमलों की खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता बढ़ गई। निवेशकों को डर है कि अगर तनाव और बढ़ा तो इसका असर कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। इसी वजह से निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
प्रॉफिट बुकिंग से बढ़ा दबाव
पिछले कुछ दिनों में शेयर बाजार लगातार ऊंचाई पर पहुंच रहा था। ऐसे में कई निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए शेयर बेचने शुरू कर दिए। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार इसी प्रॉफिट बुकिंग की वजह से बाजार में दबाव और ज्यादा बढ़ गया। खासकर बैंकिंग और आईटी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली ज्यादा देखने को मिली।
एक्सपायरी के कारण बढ़ा उतार-चढ़ाव
26 मई को निफ्टी की मासिक F&O एक्सपायरी होने के कारण बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। ट्रेडर्स और निवेशकों ने अपनी पोजिशन बदलनी शुरू की, जिसका असर बाजार की चाल पर साफ दिखाई दिया। दिनभर बाजार कभी हल्की रिकवरी करता दिखा तो कभी अचानक गिरावट में चला गया।
कौन से शेयर रहे फायदे में?
गिरावट वाले बाजार में भी कुछ शेयरों ने निवेशकों को राहत दी। निफ्टी में अडानी एंटरप्राइजेज, टाटा मोटर्स, टेक महिंद्रा और नेस्ले जैसे शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। खासकर मेटल और एनर्जी सेक्टर में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा गिरावट
दूसरी तरफ अपोलो हॉस्पिटल्स, भारती एयरटेल, TCS और टाइटन जैसे बड़े शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव दिखाई दिया। निवेशकों ने इन सेक्टरों में काफी बिकवाली की।
कंपनियों से जुड़ी बड़ी खबरें
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) को 608 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले हैं, जिसके बाद कंपनी के शेयरों में हल्की तेजी देखने को मिली। वहीं रेडटेप के चौथी तिमाही के शानदार नतीजों के बाद उसके शेयर करीब 18 प्रतिशत उछल गए। JSW एनर्जी ने QIP के जरिए 4,000 करोड़ रुपये जुटाने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके अलावा अडानी ग्रीन ने गुजरात के खावड़ा में बड़े सोलर और एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट शुरू करने की घोषणा की है।
सोने की कीमतों पर भी नजर
बाजार में अनिश्चितता बढ़ने के बीच निवेशकों का रुझान अब सोने की तरफ बढ़ता दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि रुपये की कमजोरी और वैश्विक तनाव के चलते आने वाले समय में सोने की कीमतों में और तेजी आ सकती है। अनुमान लगाया जा रहा है कि वित्त वर्ष 2026-27 तक सोना 1,80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंच सकता है।
