23 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 893.39 अंक टूटकर 76,200.68 के स्तर पर बंद हुआ। दिनभर बाजार में बिकवाली का दबाव बना रहा, जिसके कारण अधिकांश प्रमुख शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
वैश्विक संकेतों का असर
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता, विदेशी निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक बाजारों में कमजोरी के चलते घरेलू निवेशकों का भरोसा प्रभावित हुआ। इसका असर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों पर देखने को मिला।
आईटी और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी
आज के कारोबार में आईटी, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के कई बड़े शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इन सेक्टरों में बिकवाली बढ़ने से बाजार पर दबाव और बढ़ गया। निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए कई बड़े शेयरों में मुनाफावसूली भी की, जिससे सूचकांक नीचे फिसल गया।
बाजार पूंजीकरण में आई कमी
सेंसेक्स में आई बड़ी गिरावट का असर कंपनियों के बाजार पूंजीकरण पर भी पड़ा। कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में कमजोरी आने से निवेशकों की संपत्ति में भी कमी दर्ज की गई। दिनभर कारोबार के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा, लेकिन अंत में सूचकांक भारी नुकसान के साथ बंद हुआ।
निवेशकों की नजर अगले संकेतों पर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी। फिलहाल निवेशक आगामी आर्थिक आंकड़ों और कॉर्पोरेट नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं।
सावधानी के साथ कारोबार
हालिया उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक सतर्क रुख अपनाते नजर आ रहे हैं। बाजार में बढ़ती अस्थिरता के कारण कई निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर भी ध्यान दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में बाजार की चाल काफी हद तक वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
