पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने एसएएस नगर स्थित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) पुलिस स्टेशन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने नशे और संगठित ड्रग नेटवर्क के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत बनाने के लिए कई आधुनिक तकनीकी और इंटेलिजेंस सुविधाओं का उद्घाटन किया। अधिकारियों ने उन्हें नई व्यवस्थाओं और तकनीकी संसाधनों की जानकारी भी दी।
ANTF का तेजी से विस्तार
पंजाब पुलिस राज्यभर में ANTF के विस्तार और आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। एसएएस नगर स्थित ANTF पुलिस स्टेशन की विशेष इमारत, जिसका उद्घाटन अगस्त 2024 में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किया था, अब नशा विरोधी अभियानों का प्रमुख केंद्र बन चुकी है। यहां से पूरे राज्य में ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की निगरानी और समन्वय किया जाता है।
कई शहरों में आधुनिक सुविधाएं
पुलिस विभाग के अनुसार पटियाला, जालंधर और बठिंडा में अत्याधुनिक ANTF कार्यालय पहले से संचालित हो रहे हैं। वहीं लुधियाना और फिरोजपुर में नई सुविधाओं का निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा अमृतसर में भी एक विशेष ANTF केंद्र स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है, जिससे पूरे राज्य में एजेंसी की पहुंच और क्षमता बढ़ेगी।
तकनीक आधारित जांच पर जोर
ड्रग्स के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई के लिए सरकार तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा दे रही है। वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान ANTF मुख्यालय और रेंज कार्यालयों में सर्विलांस सिस्टम, संचार नेटवर्क, साइबर इंटेलिजेंस क्षमताओं और डिजिटल जांच उपकरणों को मजबूत करने के लिए 11.50 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।
तकनीकी क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त फंड
ANTF की तकनीकी और जांच क्षमताओं को और मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त 14.16 करोड़ रुपये भी आवंटित किए गए हैं। इन संसाधनों की मदद से ड्रग तस्करों की गतिविधियों पर नजर रखने, डिजिटल सबूत जुटाने और संगठित नेटवर्क का पता लगाने में सहायता मिलेगी।
नशा-मुक्त पंजाब के लक्ष्य पर फोकस
पंजाब पुलिस का कहना है कि इंटेलिजेंस आधारित पुलिसिंग और आधुनिक तकनीकों की मदद से ड्रग सप्लाई चेन को तोड़ने और नशे के नेटवर्क को खत्म करने का अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग का उद्देश्य पूरे राज्य में नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और सुरक्षित व नशा-मुक्त पंजाब की दिशा में काम करना है।
