पंजाब में गैंगस्टर नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और एसएएस नगर (मोहाली) पुलिस ने आज दोपहर एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया। डेराबस्सी–अंबाला हाईवे पर स्थित स्टील स्ट्रिप्स टावर्स के पास पुलिस और गैंगस्टरों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसके बाद विदेशी ठिकानों से संचालित गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों (लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ा) के चार गुर्गों को पकड़ लिया गया।
घर में छिपे थे आरोपी, पुलिस पर की फायरिंग
जानकारी के अनुसार, चारों आरोपी हाईवे किनारे एक मकान में छिपे हुए थे। जैसे ही पुलिस ने इलाके में घेराबंदी करके सर्च ऑपरेशन शुरू किया, गैंग के सदस्यों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें गैंग के दो सदस्यों को गोली लग गई। बाद में सभी को काबू कर लिया गया और घायल बदमाशों को अस्पताल पहुंचाया गया।
त्रिशहर और पटियाला में थी वारदात की तैयारी
पुलिस की शुरुआती जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपी अपने विदेश-आधारित हैंडलर के निर्देश पर काम कर रहे थे और चंडीगढ़ ट्राइसिटी और पटियाला क्षेत्र में टारगेटेड हमलों की योजना बना रहे थे। पुलिस के अनुसार यह एक संगठित मॉड्यूल था जिसका काम खास लोगों को निशाने पर लेना और गैंग की पकड़ मजबूत करना था।
हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद
मौके से पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए।
बरामदगी में शामिल हैं:
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सात 0.32 बोर की पिस्टलें
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70 जिंदा कारतूस
यह बरामदगी साफ दिखाती है कि गिरोह किसी बड़े वारदात की तैयारी में था।
पंजाब पुलिस का बयान: गैंगस्टरों पर सख्ती जारी
पंजाब पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए चल रहे अभियान का हिस्सा है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि गैंगस्टर नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने के लिए वे लगातार सख्त कदम उठाते रहेंगे।
पंजाब पुलिस ने यह भी दोहराया कि किसी भी गैंग को कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी और Punjab को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
