मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब पुलिस ने साल 2025 में राज्य में शांति, भाईचारा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने बताया कि बीते साल आतंकवाद, नशा तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की गई, जिसके सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं।
आतंकवाद पर करारा प्रहार
DGP गौरव यादव के अनुसार, ISI समर्थित आतंकवादी नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए पंजाब पुलिस ने आक्रामक रणनीति अपनाई। साल 2025 में कुल 19 आतंकवादी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया गया और 131 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें हैंड ग्रेनेड हमले, RPG अटैक और अन्य साजिशें शामिल थीं। पुलिस ने इस दौरान बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की, जिनमें राइफलें, पिस्टल, IED, RDX, हैंड ग्रेनेड और रॉकेट लॉन्चर शामिल हैं। पुलिस की सतर्कता से राज्य की शांति भंग करने की हर कोशिश नाकाम रही।
‘वॉर ऑन ड्रग्स’ से नशा तस्करों में हड़कंप
1 मार्च 2025 से शुरू किए गए ‘ड्रग्स के खिलाफ युद्ध’ अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा एक्शन लिया। इस अभियान में 29,784 एफआईआर दर्ज की गईं और 39,867 लोगों को गिरफ्तार किया गया। एक साल में रिकॉर्ड 2,021 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई। इसके अलावा अफीम, पोस्त की भूसी, ICE ड्रग, लाखों नशीली गोलियां और करोड़ों रुपये की ड्रग मनी भी बरामद की गई। नकली नोटों पर भी कार्रवाई करते हुए 16.81 करोड़ रुपये के फेक करेंसी जब्त की गई।
NDPS मामलों में देश में नंबर वन
DGP ने बताया कि वैज्ञानिक और पेशेवर जांच के चलते NDPS मामलों में सजा की दर 88 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो देश में सबसे अधिक है। साल 2025 में निपटाए गए 6,728 मामलों में से 5,901 में दोषियों को सजा मिली। राष्ट्रीय स्तर पर जब्त की गई हेरोइन का बड़ा हिस्सा पंजाब से बरामद हुआ, जिससे यह साफ है कि पुलिस ने ड्रग नेटवर्क की कमर तोड़ दी है।
गैंगस्टर और संगठित अपराध पर शिकंजा
एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स और फील्ड यूनिट्स ने 2025 में 416 आपराधिक मॉड्यूल तोड़े और 992 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 620 हथियार और 252 वाहन बरामद किए गए। विदेशों में बैठे अपराधियों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज की गई, जिसके तहत 11 रेड नोटिस और 2 ब्लू नोटिस जारी किए गए। कुख्यात अपराधियों को ट्रैक कर भारत लाया गया।
अपराध के आंकड़ों में बड़ी गिरावट
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में बड़े अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है। हत्या के मामलों में 8.7 प्रतिशत, अपहरण में 10.6 प्रतिशत, छीना-झपटी में 19.6 प्रतिशत और चोरी में 34.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
आधुनिक तकनीक से पुलिस सेवा मजबूत
डायल-112 सेवा के अपग्रेडेशन पर 25 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। अब तक लाखों कॉल हैंडल की जा चुकी हैं और रिस्पॉन्स टाइम 25 मिनट से घटकर 11 मिनट से कम हो गया है। साइबर क्राइम मामलों में भी 418 करोड़ रुपये के फ्रॉड में से करीब 80 करोड़ रुपये पर लियन मार्क किया गया है।
