पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में अब तक करीब 1.30 करोड़ मतदाताओं ने अपने गणना (एन्यूमरेशन) फॉर्म जमा कर दिए हैं। चुनाव आयोग का यह अभियान मतदाता सूची को पूरी तरह सही, अद्यतन और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रत्येक मतदाता की जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है ताकि आगामी चुनावों के लिए सटीक मतदाता सूची तैयार की जा सके।
घर-घर पहुंच रहे हैं बीएलओ
इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए बूथ लेवल अधिकारी (BLO) लगातार घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। वे लोगों को फॉर्म भरने में सहायता भी दे रहे हैं और जरूरी दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। जिन लोगों ने अभी तक फॉर्म जमा नहीं किए हैं, उनसे जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करने की अपील की गई है ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूट न जाए। राज्यभर में हजारों बीएलओ इस अभियान में जुटे हुए हैं।
डिजिटाइजेशन का काम भी तेजी से जारी
चुनाव आयोग ने फॉर्म जमा होने के साथ-साथ उनके डिजिटाइजेशन का कार्य भी तेज कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार बड़ी संख्या में प्राप्त फॉर्मों को डिजिटल रिकॉर्ड में बदला जा चुका है। इससे मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और त्रुटिरहित होगी। डिजिटल रिकॉर्ड बनने से भविष्य में मतदाता विवरण की जांच और संशोधन भी आसान हो जाएगा।
मतदाताओं से समय पर फॉर्म जमा करने की अपील
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा है कि जिन मतदाताओं ने अभी तक अपने गणना फॉर्म जमा नहीं किए हैं, वे निर्धारित समय सीमा के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करें। इसके लिए विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं, जहां मतदाता आसानी से फॉर्म जमा कर सकते हैं और आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि समय पर फॉर्म जमा करने से अंतिम मतदाता सूची अधिक सटीक और विश्वसनीय बनेगी।
अक्टूबर में प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
SIR-2026 अभियान पूरा होने के बाद दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। इसके बाद संशोधित और अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। चुनाव आयोग का उद्देश्य है कि राज्य का कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और मतदाता सूची पूरी तरह अद्यतन एवं त्रुटिरहित हो। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पूरे पंजाब में यह अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।
