बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों का इंतज़ार आखिरकार खत्म होने जा रहा है। आज सुबह 8 बजे से राज्यभर में वोटों की गिनती शुरू हो गई है। इस चुनाव में इस बार जनता ने रिकॉर्डतोड़ मतदान किया—करीब 67% से ज़्यादा, जो बिहार के इतिहास में सबसे बड़ा मतदान प्रतिशत माना जा रहा है। इससे साफ है कि लोग इस बार बदलाव और स्थिरता में से किसी एक को साफ़-साफ़ चुनना चाहते थे।
जैसे ही शुरुआती रुझान आने लगे, पूरा माहौल गर्म हो गया। अब तक मिले शुरुआती आंकड़ों में एनडीए गठबंधन बढ़त बनाता दिख रहा है, जबकि महागठबंधन कई प्रमुख सीटों पर कड़ी टक्कर दे रहा है। सरकार बनाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को 122 सीटों की ज़रूरत है, और इसी आंकड़े के आसपास असली लड़ाई फंसी हुई है।
तेजस्वी यादव, जो महागठबंधन का चेहरा हैं, अपने पारंपरिक गढ़ राघोपुर से बढ़त बनाए हुए हैं। उनकी सीट पर शुरू से ही दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा था, लेकिन अभी रुझान उनके पक्ष में जाते दिख रहे हैं। दूसरी तरफ, एनडीए के बड़े चेहरे और कई मौजूदा विधायकों के भी रुझान आने शुरू हो गए हैं, जिनमें से कई सीटें उनके खाते में जाती दिख रही हैं।
गिनती की प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा करने के लिए पूरे बिहार में कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं। हर जिले में पुलिस, प्रशासन और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी तरह का तनाव या विवाद न हो। कुल 38 जिलों में बनाए गए कई गिनती केंद्रों में सुबह से ही कर्मचारी और अधिकारी व्यस्त हैं।
इस चुनाव में एक और दिलचस्प बात देखने को मिली—महिलाओं का भारी मतदान। कई इलाकों में महिलाओं का वोट प्रतिशत पुरुषों से ज़्यादा रहा। माना जा रहा है कि महिलाओं के वोट इस बार कई सीटों का परिणाम बदल सकते हैं। सरकार बदलने या वापस आने पर इन वोटों का बड़ा असर पड़ेगा।
राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो इस चुनाव का सीधा मुकाबला एनडीए और महागठबंधन के बीच है। बेरोज़गारी, महंगाई, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी मुद्दे इस बार भी लोगों की ज़ुबान पर रहे। साथ ही, प्रवासी मजदूरों की समस्या और कानून-व्यवस्था का सवाल भी चुनावी बहस का बड़ा हिस्सा रहा।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या एनडीए अपना बढ़त बनाए रखते हुए 122 के जादुई आंकड़े को छू लेगा, या फिर महागठबंधन धीरे-धीरे वापसी कर नई तस्वीर पेश करेगा। रुझानों का असर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में भी साफ दिख रहा है—कहीं जश्न की तैयारी शुरू हो चुकी है, तो कहीं सपोर्टर अभी भी धड़कते दिल से स्क्रीन पर नज़रें गड़ाए हुए हैं।
अगले कुछ घंटों में तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी और बिहार को मिल जाएगा अपना नया मुख्यमंत्री और नई सरकार। फिलहाल, माहौल उत्साह, उत्सुकता और तेज़ी से बदलते रुझानों से भरा हुआ है।
