बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने इस बार सभी राजनीतिक अनुमानों को पीछे छोड़ दिया। पूरे राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को भारी बहुमत मिला है और गठबंधन ने जोरदार वापसी करते हुए सत्ता पर फिर कब्ज़ा जमाया है। जहाँ एक तरफ जीत की खुशी है, वहीं दूसरी तरफ चुनाव परिणाम आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?
नीतीश कुमार लगातार नौ बार मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल चुके हैं। NDA ने इस चुनाव में भी उनके चेहरे को आगे रखकर जनता से वोट मांगा था। लेकिन नतीजों के बाद बीजेपी के एक बयान ने राजनीति में हलचल बढ़ा दी और संभावनाओं के नए दरवाज़े खोल दिए।
श्याम रजक का बड़ा बयान—“नीतीश ही रहेंगे मुख्यमंत्री”
जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने मुख्यमंत्री पद को लेकर उठ रहे सवालों के बीच स्थिति साफ करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि एनडीए पूरी तरह एकजुट है और नेतृत्व पर कोई भ्रम नहीं है।
श्याम रजक ने कहा—
“पूरा एनडीए एकजुट है। पांडव जैसे सभी साथी साथ हैं। हमने नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ा है और वही आगे भी हमारे मुख्यमंत्री रहेंगे।”
उनके इस बयान को नीतीश कुमार के समर्थन में एक मजबूत संदेश माना जा रहा है, जिससे यह साफ करने की कोशिश की गई कि गठबंधन के भीतर किसी बदलाव की चर्चा का कोई आधार नहीं है।
बीजेपी नेता विनोद तावड़े के बयान से बढ़ी राजनीतिक गर्मी
दरअसल, विवाद तब शुरू हुआ जब बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने जीत के बाद कहा कि NDA के पाँचों घटक दल मिलकर तय करेंगे कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।
हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा गया है, लेकिन फिर भी इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू करा दी कि क्या इस बार CM चेहरा बदल सकता है?
तावड़े के बयान ने लोगों के मन में सवाल खड़ा कर दिया कि क्या NDA नीतीश कुमार के अलावा किसी नए नेता को मौका दे सकता है? हालांकि JDU ने तुरंत इस शक को हवा नहीं मिलने दी और साफ कहा कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री बने रहेंगे।
नीतीश कुमार ने मतदाताओं को कहा—“नमन और धन्यवाद”
प्रचंड जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की जनता का दिल से आभार व्यक्त किया।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा—
“बिहार के लोगों ने हमें भारी बहुमत देकर हमारी सरकार में विश्वास जताया है। इसके लिए मैं सभी सम्मानित मतदाताओं को नमन करता हूँ और हृदय से धन्यवाद देता हूँ।”
उनके संदेश से साफ झलकता है कि वे एक बार फिर बड़ी ताकत के साथ सत्ता की बागडोर संभालने को तैयार हैं।
हालाँकि JDU और उसके नेता यह दावा कर रहे हैं कि नीतीश कुमार ही NDA के मुख्यमंत्री होंगे, लेकिन बीजेपी के संकेतों ने चर्चा को ज़िंदा रखा है। आने वाले दिनों में NDA की बैठक इस पर अंतिम मुहर लगाएगी कि बिहार की कमान किसके हाथ में होगी।
फिलहाल इतना तय है कि बिहार में NDA की बड़ी जीत ने राज्य की राजनीति में नई ऊर्जा भर दी है और मुख्यमंत्री पद को लेकर बढ़ी हलचल चुनाव के बाद की सबसे बड़ी राजनीतिक बहस बन गई है।
