मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई “बिल लाओ, इनाम पाओ योजना राज्य में कर पारदर्शिता और जीएसटी अनुपालन को बढ़ावा देने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल साबित हो रही है। इस योजना का उद्देश्य जीएसटी चोरी पर रोक लगाना और उपभोक्ताओं को खरीदारी के समय पक्का बिल लेने के लिए प्रेरित करना है। सरकार ने तकनीक का सहारा लेते हुए ‘मेरा बिल’ ऐप के माध्यम से आम लोगों को सीधे इस अभियान से जोड़ा है।
योजना के तहत कोई भी उपभोक्ता खरीदारी के बाद प्राप्त बिल को ‘मेरा बिल ऐप पर अपलोड कर सकता है और लकी ड्रॉ के जरिए नकद पुरस्कार जीत सकता है। इस पहल ने उपभोक्ताओं को जागरूक और सशक्त बनाया है, जिससे बाजार में पारदर्शिता बढ़ी है और कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है।
योजना की शुरुआत से अब तक कुल 1,76,832 बिल अपलोड किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि जनता इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी निभा रही है। अब तक 5,644 विजेताओं को कुल 3.50 करोड़ रुपये से अधिक की इनामी राशि दी जा चुकी है। जुलाई माह के ड्रॉ में ही 257 विजेताओं को 15,30,015 रुपये का इनाम प्रदान किया गया, जो इस योजना की लोकप्रियता को दर्शाता है।
केवल पुरस्कार ही नहीं, बल्कि इस योजना ने कर अनुपालन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं। बिल जारी करने में अनियमितता बरतने वाली संस्थाओं पर अब तक 9,07,06,102 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनमें से 7,30,92,230 रुपये की राशि पहले ही वसूल की जा चुकी है। यह सख्ती स्पष्ट संदेश देती है कि सरकार कर चोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है।
इस अभियान के सकारात्मक प्रभाव का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इसके चलते 135 नए टैक्स रजिस्ट्रेशन हुए हैं। यानी अब अधिक व्यवसाय कर दायरे में आ रहे हैं, जिससे राज्य के राजस्व में वृद्धि हो रही है और विकास कार्यों को मजबूती मिल रही है।
“बिल लाओ, इनाम पाओ योजना ने उपभोक्ता और सरकार के बीच साझेदारी का एक नया मॉडल प्रस्तुत किया है। यह पहल न केवल ईमानदार व्यापार को प्रोत्साहित कर रही है, बल्कि पारदर्शी और जवाबदेह शासन की दिशा में भी मजबूत कदम साबित हो रही है।
