कनाडा ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अमेरिकी टेक कंपनियों पर लगाए जाने वाले डिजिटल सर्विस टैक्स (DST) को हटाने का ऐलान किया है। ये टैक्स सोमवार से लागू होने वाला था, लेकिन अब इसे रोक दिया गया है। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बाद उठाया गया है, जिन्होंने हाल ही में कनाडा के इस टैक्स को अमेरिका पर “सीधा हमला” बताया था।
क्या था मामला?
कनाडा ने 2020 में एक प्रस्ताव रखा था, जिसमें उन बड़ी डिजिटल कंपनियों पर 3% टैक्स लगाने की बात कही गई थी, जो हर साल कनाडा में 20 मिलियन कनाडाई डॉलर से ज्यादा की कमाई करती हैं। इसमें गूगल, फेसबुक (मेटा), अमेज़न और एप्पल जैसी अमेरिकी कंपनियां शामिल थीं।
यह टैक्स 2022 से रेट्रोएक्टिव तौर पर लागू होने वाला था, यानी पुराने समय से भी टैक्स वसूला जाता। इसका असर इन कंपनियों के मुनाफे पर सीधे पड़ता।
ट्रंप का सख्त रुख
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस टैक्स को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब तक कनाडा यह टैक्स खत्म नहीं करता, अमेरिका-कनाडा व्यापार वार्ताएं आगे नहीं बढ़ेंगी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर टैक्स नहीं हटाया गया, तो कनाडाई सामानों पर नए टैरिफ यानी शुल्क लगाए जाएंगे।
इसके बाद कनाडा को बैकफुट पर आना पड़ा और उन्होंने रविवार रात अचानक इस टैक्स को हटाने का फैसला कर लिया।
क्या कहा कनाडा ने?
कनाडा के वित्त मंत्रालय की ओर से कहा गया कि सोमवार से DST कलेक्ट नहीं किया जाएगा और वित्त मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैम्पेन इस कानून को रद्द करने के लिए एक विधेयक पेश करेंगे। मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि कनाडा का उद्देश्य हमेशा एक बहुपक्षीय समझौते के ज़रिए टैक्स व्यवस्था लागू करना रहा है, न कि किसी एक देश को निशाना बनाना।
अमेरिका-कनाडा रिश्तों पर असर
ट्रंप और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने हाल ही में जी-7 शिखर सम्मेलन में मुलाकात की थी, जहां दोनों ने अगले 30 दिनों के अंदर नया आर्थिक समझौता करने की बात कही थी। लेकिन ट्रंप की सख्ती के बाद यह वार्ता अधर में लटक गई थी। अब टैक्स हटाए जाने के बाद उम्मीद है कि ये वार्ताएं फिर से शुरू होंगी और 21 जुलाई तक कोई समझौता हो सकता है।
बाज़ार में उत्साह
डिजिटल टैक्स हटाए जाने की खबर के बाद शेयर बाज़ार में तेजी देखी गई। एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक असर दिखा। निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिका और कनाडा के बीच अब व्यापारिक तनाव कम होगा।
कनाडा का डिजिटल टैक्स अमेरिका की बड़ी कंपनियों के लिए एक बड़ी चिंता बन गया था। ट्रंप ने इसे राष्ट्रीय हित से जुड़ा मुद्दा बना दिया, और दबाव के आगे कनाडा को झुकना पड़ा। अब सबकी नजरें 21 जुलाई तक होने वाली व्यापार वार्ता पर टिकी हैं। अगर समझौता होता है, तो ये कदम दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों के लिए सकारात्मक मोड़ बन सकता है।
