आज के समय में लगभग हर व्यक्ति के पास क्रेडिट कार्ड होता है और अक्सर लोगों को क्रेडिट कार्ड बनवाने या लिमिट बढ़ाने के नाम पर फोन कॉल आते रहते हैं। कई बार लोग बिना सोचे-समझे इन कॉल्स पर भरोसा कर लेते हैं। साइबर ठग इसी भरोसे का फायदा उठाकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला चंडीगढ़ में सामने आया है, जहां साइबर क्राइम पुलिस ने एक ऑर्गनाइज्ड साइबर फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश किया है।
तीन महिलाओं की गिरफ्तारी
चंडीगढ़ साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से बैंक और क्रेडिट कार्ड कंपनियों का प्रतिनिधि बनकर लोगों से ठगी कर रही थीं। गिरफ्तार की गई महिलाओं की पहचान प्रतिमा शर्मा, रोशनी और जूही सेठी के रूप में हुई है, जो सभी दिल्ली की रहने वाली हैं। पुलिस के अनुसार, ये महिलाएं बेहद शातिर तरीके से लोगों को ठगती थीं।
कैसे हुआ फ्रॉड
यह मामला चंडीगढ़ के सेक्टर-45 में रहने वाले एक व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज हुआ। पीड़ित ने बताया कि उसे WhatsApp और फोन कॉल के जरिए एक महिला ने संपर्क किया, जिसने खुद को अमेरिकन एक्सप्रेस क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट का कर्मचारी बताया। आरोपी ने पीड़ित को उसके SBI क्रेडिट कार्ड को अमेरिकन एक्सप्रेस कार्ड में बदलने और लिमिट बढ़ाने का लालच दिया।
इसके बाद एक फर्जी गूगल फॉर्म लिंक भेजा गया। जैसे ही पीड़ित ने उस लिंक पर क्लिक किया, उसके मोबाइल का गलत तरीके से एक्सेस मिल गया और उसके क्रेडिट कार्ड से ₹1,73,463 की ठगी कर ली गई।
दिल्ली से हुआ खुलासा
पुलिस ने तकनीकी जांच के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड, IP एड्रेस, CAF और KYC एनालिसिस के जरिए आरोपियों का पता लगाया। जांच में सामने आया कि यह गैंग दिल्ली के अशोक नगर और उत्तम नगर इलाके से ऑपरेट कर रहा था। इसके बाद तिलक नगर में रेड कर तीनों महिलाओं को गिरफ्तार किया गया।
भारी मात्रा में सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से 28 मोबाइल फोन, 82 सिम कार्ड, 55 ATM कार्ड, आधार और पैन कार्ड, डोंगल, लैंडलाइन फोन, पासबुक, चेकबुक और कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं। मोबाइल फोनों में सैकड़ों लोगों की निजी जानकारी सेव थी, जिसका इस्तेमाल कर ये महिलाएं लोगों को कॉल करती थीं।
पूछताछ में कबूल किया जुर्म
लंबी पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध कबूल कर लिया है और अपने एक अन्य साथी की जानकारी भी पुलिस को दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गैंग ने अब तक कितने लोगों को ठगा और फ्रॉड की कुल रकम कितनी है।
पुलिस की लोगों से अपील
चंडीगढ़ साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी WhatsApp, SMS या ईमेल से लिंक भेजकर जानकारी नहीं मांगती। किसी भी अनजान कॉल पर OTP, CVV या बैंक डिटेल्स शेयर न करें। अगर साइबर फ्रॉड हो जाए, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।
