आज शेयर बाजार में जोरदार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में हल्की बढ़त के बाद बाजार अचानक दबाव में आ गया और दिन के अंत तक भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 604 अंक से ज्यादा गिरकर 83,576 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 193 अंकों की गिरावट के साथ 25,683 पर आ गया। इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
लगातार चौथे सत्र में कमजोरी
यह गिरावट कोई एक दिन की नहीं है। पिछले चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स करीब 1,580 अंक टूट चुका है, वहीं निफ्टी में भी 450 अंकों से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। बाजार में लगातार कमजोरी का माहौल बना हुआ है, जिससे छोटे और मध्यम निवेशकों में घबराहट साफ दिखाई दे रही है।
कौन से शेयर रहे फायदे में
कमजोर बाजार के बावजूद कुछ बड़े शेयरों ने मजबूती दिखाई।
टॉप गेनर्स में
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एशियन पेंट्स
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HCL टेक
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BEL
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रिलायंस इंडस्ट्रीज
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टेक महिंद्रा
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TCS
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
जैसे शेयर शामिल रहे, जिन्होंने गिरते बाजार में भी निवेशकों को थोड़ी राहत दी।
इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
वहीं कई दिग्गज शेयरों पर बिकवाली का दबाव ज्यादा रहा।
टॉप लूजर्स में
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NTPC
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ICICI बैंक
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अडानी पोर्ट्स
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भारती एयरटेल
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सन फार्मा
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इंडिगो
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महिंद्रा एंड महिंद्रा
शामिल रहे। बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों में कमजोरी का असर पूरे बाजार पर पड़ा।
बैंक निफ्टी भी दबाव में
सिर्फ सेंसेक्स और निफ्टी ही नहीं, बल्कि बैंक निफ्टी भी 435 अंक गिरकर 59,251 के स्तर पर बंद हुआ। इससे साफ है कि बैंकिंग सेक्टर में भी निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
गिरावट की बड़ी वजह क्या रही
विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार की गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण हैं। एक तरफ विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली जारी है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका में टैरिफ से जुड़े मामलों पर अनिश्चितता बनी हुई है। निवेशक आज अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का इंतजार कर रहे हैं, जो डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ की वैधता से जुड़ा है।
इसके अलावा अमेरिका के वाणिज्य सचिव के बयान से भी बाजार की धारणा प्रभावित हुई है, जिसमें भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर असमंजस की बात सामने आई।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का असर
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। जापान, चीन और दक्षिण कोरिया के बाजार हरे निशान में रहे, जबकि हांगकांग का बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में मिले-जुले संकेतों के साथ बंद हुए, जिसका असर घरेलू बाजार पर दिखा।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
