चंडीगढ़ की एक दवा निर्माण कंपनी MITS ने इस दीवाली अपने कर्मचारियों को ऐसा उपहार दिया, जिसने सभी को चौंका दिया। कंपनी ने अपने कुल 51 कर्मचारियों को कारें तोहफे में दीं, जिससे पूरा स्टाफ खुशी से झूम उठा। बताया जा रहा है कि यह चंडीगढ़ की पहली कंपनी है जिसने अपने कर्मचारियों को इतने बड़े स्तर पर कारें उपहार में दी हैं।
पद के अनुसार दी गईं कारें, टॉप अधिकारियों को SUV
कंपनी ने कर्मचारियों के पद के अनुसार कारों का वितरण किया है। टॉप पदों पर कार्यरत अधिकारियों को SUV दी गईं, जबकि अन्य कर्मचारियों को विभिन्न मॉडल की कारें भेंट की गईं। इस मौके पर कंपनी के मालिक एम.के. भाटिया ने कहा कि यह इनाम उन कर्मचारियों के परिश्रम और समर्पण का सम्मान है जिन्होंने कंपनी की सफलता में अहम भूमिका निभाई।
भाटिया ने बताया कि यह कोई पहली बार नहीं है जब उन्होंने ऐसा कदम उठाया हो। पिछले साल की दीवाली पर भी उन्होंने अपने कई कर्मचारियों को कारें तोहफे में दी थीं।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
एम.के. भाटिया की कहानी अपने आप में प्रेरणा है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर के रहने वाले भाटिया कभी एक मेडिकल स्टोर चलाते थे। साल 2002 में उनका व्यवसाय पूरी तरह डूब गया, और वे कर्ज में डूब गए। उस कठिन समय में उन्होंने सब कुछ खो दिया था, लेकिन हार नहीं मानी।
उन्होंने 2015 में चंडीगढ़ में MITS नाम की फार्मास्युटिकल कंपनी की नींव रखी। शुरुआत में यह एक छोटे स्तर की इकाई थी, लेकिन आज भाटिया 12 सफल कंपनियों के मालिक हैं। उनकी मेहनत और दूरदर्शिता ने उन्हें न केवल व्यवसायिक सफलता दिलाई, बल्कि एक आदर्श नियोक्ता के रूप में भी पहचान दिलाई।
कर्मचारियों के चेहरे पर खुशी
दीवाली के इस मौके पर जब कर्मचारियों को कारों की चाबियां सौंपी गईं, तो उनके चेहरों पर खुशी झलक उठी। कर्मचारियों ने कहा कि कंपनी ने जो सम्मान और भरोसा दिखाया है, वह उनके लिए किसी पुरस्कार से कम नहीं।
भाटिया का संदेश
एम.के. भाटिया ने कहा — “कर्मचारी किसी भी कंपनी की असली ताकत होते हैं। अगर वे खुश हैं, तो कंपनी अपने आप आगे बढ़ती है। दीवाली खुशियों का त्योहार है, और हम चाहते हैं कि हमारे कर्मचारी भी अपने परिवारों के साथ इन खुशियों को मनाएं।”
