पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राज्य में बनाए जाने वाले 3,000 से अधिक खेल मैदानों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में खेलों का बड़ा महत्व है, लेकिन खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाएँ अभी पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने बताया कि खेलों के कारण युवा गलत मार्ग से दूर रहते हैं और उनके विकास में मदद मिलती है।
पंजाब के खिलाड़ियों का अंतरराष्ट्रीय योगदान
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि चार खेलों के कप्तान पंजाब के हैं, जो राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले जिन खेलों में गतिविधियाँ कम हो गई थीं, अब वहां हमारे बच्चे भाग ले रहे हैं और उन्हें करोड़ों रुपए के पुरस्कार भी मिल रहे हैं।
खेलों में पुरस्कार और कोचिंग का ऐलान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अगर कोई खिलाड़ी कॉमनवेल्थ या एशिया खेलों में पदक जीतता है तो उसे गोल्ड मेडल पर 1 करोड़ रुपये, सिल्वर मेडल पर 75 लाख रुपये और ब्रॉन्ज मेडल पर 50 लाख रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि खेल विभाग के खिलाड़ियों को 300 कोच उपलब्ध कराए गए हैं और ओलंपिक की तैयारी के लिए पहले ही वित्तीय सहायता दी जाएगी।
खेलों से मिलती है जीत और हार की सीख
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस के लिए ही नहीं, बल्कि जीत और हार को स्वीकार करना सिखाने के लिए भी जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी हारे या जीते, वे हमेशा एक-दूसरे के साथ सम्मानपूर्वक पेश आते हैं। यह युवाओं में अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका है।
विरोधियों पर निशाना
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले सरकारी गाड़ियों में विरोधियों की पर्चियाँ डाल दी जाती थीं और पुलिस को फोन कर कहा जाता था कि गाड़ी को न रोका जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
रंगला पंजाब का सपना
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब की भूमि इतनी उपजाऊ है कि जो भी बीज बोया जाएगा, उगेगा। इसीलिए सरकार का लक्ष्य रंगला पंजाब बनाना है। उन्होंने कहा कि पंजाब की हर धड़कन में पंजाबियत की भावना है और जनता का प्यार चुकाने के लिए कई जन्म लेने पड़ेंगे।
