पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नीट (NEET) परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों को एक विशेष समारोह में सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों की उपलब्धि को राज्य की शिक्षा व्यवस्था में आए सकारात्मक बदलाव का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी मेहनत पूरे पंजाब के लिए गर्व का विषय है।
‘मौका और अच्छी शिक्षा मिले तो हर लक्ष्य संभव’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यदि बच्चों को बेहतर शिक्षा और सही अवसर मिलें तो वे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पहली बार सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास कर नया इतिहास बनाया है।
पंजाब के छात्र ने देश में हासिल किया पहला स्थान
भगवंत मान ने बताया कि इस वर्ष नीट परीक्षा में पूरे देश में पहला स्थान हासिल करने वाले आर्यन गुप्ता भी पंजाब से हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल विद्यार्थी की मेहनत का परिणाम है, बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों के समर्पण को भी दर्शाती है। इस सफलता से अन्य विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका को सराहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे उनके माता-पिता का सहयोग और शिक्षकों की कड़ी मेहनत का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
शिक्षा सुधारों को बताया ‘रंगला पंजाब’ की नींव
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलाव ही भविष्य के समृद्ध और विकसित पंजाब की मजबूत नींव हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी शिक्षा, विज्ञान, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों में नई उपलब्धियां हासिल कर राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे।
