पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शुक्रवार को विधानसभा में कांग्रेस और भाजपा पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि इन दोनों पार्टियों ने देश की जनता को आपस में बांटकर राजनीतिक फायदा उठाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि ये पार्टियां ईमानदारी से देश के लिए काम करें, तो भारत हर क्षेत्र में रिकॉर्ड तरक्की कर सकता है।
“देश को आपस में लड़ाकर चलती है राजनीति”
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा ने भाषा, धर्म, क्षेत्र और जाति के नाम पर जनता को बांटा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये पार्टियां जानबूझकर राज्यों के बीच टकराव और मतभेद पैदा करती हैं, ताकि खुद सत्ता का आनंद ले सकें। पंजाब और हरियाणा के बीच पानी जैसे मुद्दों को उभारकर, इन दलों ने भाईचारे में जहर घोला है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “यदि प्रधानमंत्री मोदी रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को रोक सकते हैं, तो फिर पंजाब और हरियाणा के बीच शांति क्यों नहीं ला सकते?”
पानी का मुद्दा: पंजाब के लिए भावनात्मक
सीएम मान ने कहा कि पंजाब के पास किसी और राज्य को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है। उन्होंने बताया कि पंजाब का पानी लंबे समय से लूटा जा रहा है, लेकिन अब ऐसा नहीं होने देंगे। साल 1955 में जब जल बंटवारा हुआ, तो उसके बाद आज तक कोई दोबारा आकलन नहीं किया गया, जबकि ये हर 25 साल में होना चाहिए था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंधु जल संधि के कारण पंजाब को वह पानी नहीं मिल पाया, जिसका वह हकदार है। यदि भारत सरकार उचित कदम उठाए, तो पंजाब को 23 एम.ए.एफ. अतिरिक्त पानी मिल सकता है, जो किसानों की जरूरतों को पूरा करने में काफी होगा।
सीआईएसएफ की तैनाती और पंजाब का खर्चा
भगवंत मान ने भाखड़ा बांध पर सीआईएसएफ की तैनाती का विरोध करते हुए कहा कि इससे राज्य को बेवजह 9 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। उन्होंने कहा कि जब पंजाब पुलिस बांधों की सुरक्षा पहले से कर रही है, तो यह खर्च क्यों? उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि जब पंजाब देश की सीमाओं की रक्षा कर सकता है, तो बांधों की सुरक्षा क्यों नहीं?
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि दीनानगर आतंकी हमले के बाद भी केंद्र ने अर्धसैनिक बल भेजने के लिए पंजाब से 7.5 करोड़ रुपये मांगे थे, जो बेहद निंदनीय है।
राजनीतिक हमले और विपक्ष पर कटाक्ष
सीएम मान ने कांग्रेस और भाजपा पर आरोप लगाया कि वे केंद्र की एजेंसियों जैसे CBI और ED का दुरुपयोग कर पंजाब सरकार को डराने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वे किसी से डरने वाले नहीं हैं और लोगों की सेवा करते रहेंगे।
विपक्षी दलों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि पानी के रक्षक बनने वाले ही असली लुटेरे हैं, जिन्होंने पंजाब को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने याद दिलाया कि एस.वाई.एल. नहर का शिलान्यास भी इन्हीं पार्टियों ने किया था, और अब झूठी बातें कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं पर पंजाबी भाषा को न समझने का भी तंज कसा और कहा कि ये लोग कॉन्वेंट स्कूल में पढ़कर पंजाबी मिट्टी से दूर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नेता सिर्फ मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए राजनीति कर रहे हैं।
पंजाब की मिट्टी में नफरत नहीं पनप सकती
भगवंत मान ने अपने भाषण के अंत में भावुक होकर कहा कि पंजाब की धरती पर प्यार, भाईचारे और गुरुओं की शिक्षाओं का प्रभाव है। यहां कोई भी बीज पनप सकता है, लेकिन नफरत का बीज कभी नहीं उगेगा। उन्होंने कहा कि पंजाबियों की देशभक्ति पर सवाल उठाना अपमानजनक है, और पंजाब हमेशा देश के लिए आगे खड़ा रहेगा।
यह बयान पंजाब विधानसभा में दिए गए मुख्यमंत्री के विस्तृत भाषण का सार है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अब पंजाब के हक की एक-एक बूंद की रक्षा की जाएगी, और राजनीति के नाम पर राज्य को नुकसान पहुंचाने वालों को जवाब दिया जाएगा।
