मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के आदेश पर पंजाब के मुख्य सचिव के. ए. पी. सिन्हा ने शनिवार को पौंग डैम और मुकेरियां क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उनके साथ जल संसाधन विभाग के प्रमुख सचिव कृष्ण कुमार, डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन और एस.एस.पी. संदीप कुमार मलिक समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
पौंग डैम की स्थिति का लिया जायजा
मुख्य सचिव ने सबसे पहले पौंग डैम का निरीक्षण किया और अधिकारियों से डैम के मौजूदा जलस्तर और छोड़े जा रहे पानी की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि पानी का डिस्चार्ज तकनीकी मानकों के आधार पर और सावधानीपूर्वक किया जाए ताकि नीचे बसे क्षेत्रों के लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही, अधिकारियों को 24 घंटे स्थिति पर नजर रखने के निर्देश भी दिए।
धुसी बांध का किया निरीक्षण
इसके बाद मुख्य सचिव सिन्हा ने मुकेरियां सब-डिवीजन के हलेड़ और मोतला गांवों के बीच बने धुसी बांध का दौरा किया। उन्होंने बताया कि जल संसाधन विभाग लगातार बांधों को मजबूत बनाने के कार्य में जुटा है। इस मौके पर उन्होंने प्रभावित परिवारों को आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार हर जरूरत की घड़ी में उनके साथ खड़ी है और हर संभव सहायता मुहैया कराई जाएगी।
प्रशासन के व्यापक इंतजाम
डिप्टी कमिश्नर ने जानकारी दी कि प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत प्रबंध किए हैं। रेड क्रॉस और सामाजिक संगठनों की मदद से प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री, भोजन, चिकित्सा सुविधाएं और जरूरी सामान लगातार उपलब्ध कराया जा रहा है।
24 घंटे ड्यूटी पर टीमें
उन्होंने बताया कि राजस्व, स्वास्थ्य, पशुपालन और जल संसाधन विभाग की टीमें 24 घंटे राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परिवार को भोजन, दवा और आश्रय की कमी न हो।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
इस मौके पर ब्यास के मुख्य इंजीनियर राकेश गुप्ता, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) निकास कुमार, एस.पी. डॉ. मुकेश, एस.डी.एम. अंकुर महिंदरू और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
सरकार और प्रशासन का कहना है कि किसी भी हाल में प्रभावित लोगों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा, और बाढ़ से निपटने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।
