पंजाब में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए राज्य के आबकारी और कर विभाग के कर्मचारियों ने सराहनीय कदम उठाया है। विभाग के सभी स्तरों के कर्मचारियों ने सर्वसम्मति से तय किया है कि वे अपनी एक दिन की तनख्वाह मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करेंगे।
मानवीय संवेदना का उदाहरण
विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि यह फैसला पूरी तरह स्वैच्छिक योगदान के रूप में लिया गया है। इसका उद्देश्य है कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों तक समय पर भोजन, दवाइयाँ और अन्य आवश्यक सहायता पहुँचाई जा सके। उन्होंने कहा कि यह कदम कर्मचारियों की सामूहिक वचनबद्धता को दर्शाता है, जिसमें सबने मिलकर ज़रूरतमंद लोगों के साथ खड़े होने का संकल्प लिया है।
राहत और पुनर्वास कार्यों को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा यह धनराशि सीधे तौर पर राहत और पुनर्वास कार्यों में उपयोग होगी। सरकार पहले ही बाढ़ प्रभावित जिलों में व्यापक स्तर पर बचाव और सहायता गतिविधियाँ चला रही है। ऐसे में विभागीय कर्मचारियों का यह योगदान न केवल आर्थिक मदद देगा बल्कि अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
पंजाब सरकार ने भी सभी संगठनों और समाज के विभिन्न वर्गों से अपील की है कि वे आगे आकर बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद करें, ताकि कठिन समय में किसी को भी अकेला महसूस न हो।
