आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 13 अगस्त को पार्टी के “महिला विंग लीडरशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम” को संबोधित किया। इस मौके पर पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, महिला विंग प्रदेश अध्यक्ष और मोगा विधायक अमनदीप कौर अरोड़ा, तथा पंजाब महिला आयोग की चेयरपर्सन राजलाली गिल मौजूद रहीं। केजरीवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़कर महिलाओं से सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
राजनीति में महिलाओं की भूमिका पर जोर
केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी ही ऐसी पार्टी है जो साधारण परिवार की महिलाओं को राजनीति में आने का मौका देती है। अन्य पार्टियां महिलाओं का इस्तेमाल केवल भीड़ जुटाने या कार्यक्रमों में उपस्थिति के लिए करती हैं। उन्होंने कहा कि आप सरकार बनने के बाद से महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कदम उठाए गए हैं।
नशा मुक्त अभियान में महिलाओं की अहम भूमिका
उन्होंने बताया कि पंजाब में चलाए जा रहे “युद्ध नशे विरुद्ध” अभियान से सबसे ज्यादा राहत महिलाओं को मिली है, क्योंकि नशा परिवारों को तोड़ देता है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि अगर उनका कोई परिजन नशे की चपेट में है तो उसे तुरंत नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराएं, जहां आधुनिक और आरामदायक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
गरीबों के लिए काम ही हमारी ताकत
केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी गरीबों के लिए काम करती है, इसी वजह से विरोधी साजिशों के बावजूद पार्टी मजबूत है। उन्होंने बताया कि आप सरकार ने अच्छे स्कूल, मोहल्ला क्लीनिक, सरकारी अस्पताल, और मुफ्त बिजली जैसी योजनाएं शुरू कीं जिससे लोगों का जीवन आसान हुआ।
महिलाओं के बिना देश नहीं चल सकता – भगवंत मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि जैसे घर महिलाओं के बिना नहीं चलता, वैसे ही देश भी उनके सहयोग के बिना आगे नहीं बढ़ सकता। उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर आरोप लगाया कि वे महिला विंग तो बनाती हैं, लेकिन आम घरों की महिलाओं को राजनीति में असली अवसर नहीं देतीं।
मान ने कहा कि मुफ्त बिजली और मोहल्ला क्लीनिकों से महिलाओं को सबसे ज्यादा फायदा हो रहा है। महंगाई का असर सबसे पहले महिलाओं पर पड़ता है, क्योंकि घर का खर्चा वही संभालती हैं। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि बिजली बिल माफ होने से परिवार के पास बच्चों की फीस और इलाज के लिए पैसे बचने लगे हैं।
महिलाओं की आर्थिक तरक्की के कदम
मान ने बताया कि संगरूर में 100 महिलाओं ने सेल्फ-हेल्प ग्रुप बनाकर अपना काम शुरू किया और अब उनका मासिक टर्नओवर डेढ़ करोड़ रुपये है। पंजाब पुलिस में भी हजारों महिलाओं की भर्ती की गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि फतेहगढ़ साहिब की 350 महिला सरपंच और पंचों को महाराष्ट्र ट्रेनिंग के लिए भेजा जा रहा है, जिसका पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए और योजनाएं शुरू होंगी और इसके नतीजे जल्द सामने आएंगे।
यह कार्यक्रम इस संदेश के साथ समाप्त हुआ कि राजनीति, समाज और परिवार – तीनों के विकास में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है, और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए आप सरकार लगातार प्रयासरत है।
